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यहां अभी भी चलते हैं अंग्रेजों के जमाने के थाने

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तकनीकि के दौर में जहां सारा जमाना आगे दौड़ रहा है वहीं जम्मू पुलिस अभी भी अंग्रेजों के जमाने से बाहर आने को तैयार नहीं है। जम्मू के उधमपुर में अभी भी सुरक्षा व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है।
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ट्रैफिक नाका हो या पुलिस का प्रमुख नाका, कहीं भी कोई आधुनिक व्यवस्था नहीं है। राज्य के प्रमुख नाकों और दोनों राजधानियों में चार सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

इन कैमरों को जम्मू कश्मीर हाईवे के बीच पड़ने वाले प्रमुख नगर उधमपुर में अभी तक नहीं लगाया गया है। हालांकि दो साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट पर कोई काम भी नहीं हुआ है।
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आपराधिक गतिवधियां भी अधिक हैं

उधमपुर में उत्तरी कमान का हेडक्वार्टर के अलावा आपराधिक गतिवधियां भी अधिक हैं। इसके बावजूद अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। मिलिट्री अस्पताल चौक, जखैनी, सलाथिया चौक में अक्सर जाम की स्थिति रहती है।

इस स्थिति के अलावा सड़क हादसे भी होते हैं। कहीं पर भी पुलिस कर्मी या ट्रैफिक कर्मी नजर नहीं आता है। घंटों लोगों को जाम में फंसा रहना पड़ता है। श्री अमरनाथ यात्रा का पहला पड़ाव भी उधमपुर में है।

इन सभी कार्यक्रमों के बावजूद सुरक्षा के नाम पर मात्र पुलिस जवान ही हैं।
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अपराध के ल‌िए इस्तेमाल होता है ये रास्ता

अपराध या अपराधी का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जबकि कई बार घाटी जाने वाली चोरी की गाड़ियां भी इसी क्षेत्र से गुजरती हैं।

दुधारू मवेशियों की तस्करी भी इस नगर से निकले बिना नहीं हो सकती है। कहीं पर भी कोई भी सुरक्षा नाम की चीज नहीं है। सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी कैमरे का प्रोजेक्ट दो साल पहले ही भेजा गया था। उस प्रस्ताव पर कोई काम नहीं हुआ।

- सीसीटीवी कैमरे अपराध का पता लगाने में काफी महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं। उसका प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है। उम्मीद है प्रस्ताव जल्द पास हो जाएगा। पुलिस हेडक्वार्टर भी कैमरे लगाने को उत्सुक है। जल्द शहर में सुरक्षा की आधुनिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
मो. सुलेमान चौधरी, एसएसपी उधमपुर
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