जम्मू। यूजीसी के उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म करने के नाम पर लाए गए नए नियमों का कई जगह विरोध चल रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी नियमों को लेकर मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ ने नियमों पर आपत्ति जताई तो किसी ने इसे अस्पष्ट बताते हुए और स्पष्ट किए जाने की मांग की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री सनक श्रीवत्स ने कहा कि शैक्षणिक परिसरों में सौहार्द एवं समानता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यूजीसी को सभी हितधारकों से संवाद करते हुए तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए। विनियमों में स्पष्टता और संतुलन अत्यंत आवश्यक है। यूजीसी को इस संदर्भ में पक्ष स्पष्ट करते हुए न्यायालय में शीघ्र हलफनामा दाखिल करना चाहिए।
सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए मूलभूत सिद्धांतों को कमजोर करता है बिल
युवा राजपूत सभा ने हाल में ही पेश किए गए यूजीसी इक्विटी प्रमोशन बिल की कड़ी निंदा की है। अध्यक्ष मनदीप सिंह चिब ने कहा कि यह चिंताजनक है और उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए योग्यता, समानता और निष्पक्ष अवसर के मूलभूत सिद्धांतों को कमजोर करता है। हम बिल को पेश किए जाने से हैरान और निराश हैं। बिल शैक्षणिक मानकों को कमजोर करने की चेतावनी दे रहा है। उन्होंने शुक्रवार को इस मामले को लेकर तवी पुल पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने की घोषणा की। सरकार से मांग की कि तत्काल बिल को वापस करे। यहां प्रमुख रूप से विक्रम सिंह विक्की, राजिंदर सिंह, अवतार सिंह, भानु प्रताप सिंह, वासुदेव सिंह, संजू सिंह आदि मौजूद थे।