शहर के साथ लगते सुई इलाके में किल वेस्ट मैनेजमेंट की मशीनरी स्थापित की जा चुकी है। इसको एक माह के अंदर शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण प्रोजेक्ट के तहत मांड वेस्ट में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट बड़ा है, इसके शुरू होने में कुछ समय लगेगा। कूड़ा निस्तारण को लेकर पूरे राज्य में सबसे ज्यादा काम नगर परिषद उधमपुर ने ही किया है। इसके बावजूद जुर्माना लगाना पूरी तरह से गलत है।
अगर एनजीटी को लगता है कि 1.39 करोड़ रुपये जुर्माना वसूल करने से शहर में कूड़ा निस्तारण की परेशानी दूर हो जाएगी तो नगर परिषद यह जुर्माना देने के लिए तैयार है। अगर एनजीटी ने इसको लेकर कोई विचार नहीं किया तो मजबूरन कोर्ट का भी सहारा ले सकते हैं। -संतोष कोतवाल, नगर परिषद सीईओ
इसमें कोई शक नहीं है कि नगर परिषद को निशाना बनाया गया है। इसके लिए अब कोर्ट का ही सहारा लेना पड़ेगा। जब से नगर परिषद में आए हैं, कूड़ा निस्तारण को लेकर प्रयास कर रहे हैं। अपने कार्यकाल में सुई इलाके में किल वेस्ट मैनेजमेंट स्थापित किया है। वेस्ट मांड में भी काम चल रहा है। इसको लेकर जिला प्रशासन भी काम कर रहा है। राज्य के अन्य सभी जिलों में कूड़ा निस्तारण को लेकर कुछ नहीं किया गया है। उधमपुर में फिर भी काम चल रहा है। स्कूलों में जाकर भी विद्यार्थियों को इसको लेकर जागरूक किया गया है। इस तरह से जुर्माना लगाना पूरी तरह से गलत है। अब तो नगर परिषद को कोर्ट के भरोसे ही चलना पड़ेगा, क्योंकि इतना पैसा देना नगर परिषद के लिए संभव नहीं है। -डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद चेयरमैन