घाटी में आतंकियों ने दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया। श्रीनगर में हुई पहली घटना में एक युवक की मौत हो गई। अनंतनाग में नाका पार्टी पर हुई हमले में एएसआई शहीद हो गए।
मध्य कश्मीर के श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने 30 मिनट के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। इन हमलों में एक स्थानीय युवक की मौत जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) शहीद हो गया। हमलावरों को तलाशने के लिए सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया है। बुधवार शाम को पहला हमला श्रीनगर ईदगाह के मीरजानपोरा में हुआ। यहां आतंकियों ने एक स्थानीय युवक रऊफ अहमद को निशाना बनाकर उस पर गोलियां दागी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
Trending Videos
अनंतनाग में शहीद एएसआई मोहम्मद असरफ।
- फोटो : संवाद
इस घटना के 30 मिनट के भीतर आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के बिजबिहाड़ा इलाके में एक नाका पार्टी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें बिजबिहाड़ा पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई मोहम्मद अशरफ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया।
श्रीनगर में आतंकी हमले में मारे गए युवक के परिजन।
- फोटो : बासित जरगर
एक अधिकारी ने बताया कि हालत नाजुक होने के कारण एएसआई को श्रीनगर रेफर किया गया लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इन हमलों के बाद आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने ट्वीट कर शहीद पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस दुख की घडी में वह शहीद के परिवार के साथ हर दम खड़ हैं।
श्रीनगर में आतंकी हमले में मारे गए युवक के परिजन।
- फोटो : संवाद
पुलवामा में चार दिन पहले आतंकियों ने पुलिस फॉलोअर को मारी थी गोली
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में रविवार 19 दिसंबर की शाम को आतंकियों ने पुलिस के एक फॉलोअर को पैतृक गांव के पास गोली मारकर घायल कर दिया था। पुलिस के अनुसार पुलवामा के बांडजू गांव में फॉलोअर मुश्ताक अहमद वागे को आतंकियों ने गोली मारी। उसके पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।
बताते हैं कि बांडजू फॉलोअर का पैतृक गांव है। पुलिस के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। वहीं, त्राल इलाके के बुच्चू गांव के जंगल क्षेत्र में आतंकियों की ओर से प्लांट की गई आईईडी बरामद की गई। आईईडी एक टिन के कनस्तर में फिट थी।
कनस्तर यूरिया से भरी हुई थी और तार बाहर निकले हुए थे। मौके के निरीक्षण से यह पता लगता है कि आईईडी वहीं बनाई गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।