जम्मू-कश्मीर में आई भीषण आपदा में जहां लोग अपनी-अपनी जान बचाने के लिए मारामारी कर रहे हैं। वहीं एक ओर इसके इतर मानवता और साहस की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली।
रुस से धरती का जन्नत देखने आई दो महिलाएं भी इस भीषण आपदा की शिकार हो गई। जब सेना इन दोनों महिलाओं को रेस्क्यू करने उनके होटल पहुंची तो इन दोनों महिलाओं ने जाने से मना कर दिया।
इन दोनों रुसी महिलाओं ने सेना के जवानों से कहा कि वे उन लोगों की मदद करें जिन्हें इस समय सबसे अधिक जरुरत है। जो लोग बीमार हैं उन्हें पहले निकालने की कोशिश करें।
रुसी महिलाओं की बात सुन सेना के जवान उनके साहस और जज्बे के कायल हो गए। फिलहाल सेना श्रीनगर के बाहरी इलाके में फंसे लोगों को निकलने काम कर रही है। अभी भी कई लाख लोग इस बाढ़ में फंसे हुए हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।