बाढ़ और भूस्खलन ने अब तक जम्मू संभाग में 151 लोगों की जिंदगी छीन ली है। इसके अलावा स्थायी तथा अस्थायी ढांचे को भी काफी क्षति पहुंची है। रोड, दूर संचार सेवाएं, बिजली पानी की सप्लाई भी ठप है, लेकिन जैसे-जैसे संसाधन प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं वैसे-वैसे सभी सेवाएं बहाल की जा रही है।
मोबाइल एंबुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। इसकी जानकारी डिविजनल कमिश्नर शांतमानु ने मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों को दी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के वारिसों को 1.5 लाख रुपये देने का ऐलान भी किया है।
डिवकॉम ने बताया कि सोमवार देर शाम से स्थिति नियंत्रण में है। चिनाब और तवी नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। संभाग के दस उपायुक्तों की ओर से अपने-अपने जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है। अब मकानों के नुकसान का आकलन किया जाएगा।
रियासी से माहौर तक खराब रास्ते को सरकारी अमला बनाने में जुटा है। ग्रेफ और बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन भी टूटी सड़कों और पुलों को बनाने में जुट गया है। संभाग में 68 कैंपों में रखे गए लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। श्रीनगर में आर्मी एक्सचेंज के माध्यम से लोगों की हालत जानी जा रही है।
वहां फंसे लोगों को बचाने के लिए टीम भी भेजी जा सकती है। डिवकॉम ने बताया कि खाना, पानी सहित सभी जरूरत की चीजें पहुंचाई जा रही है। प्रेस कान्फ्रेंस में आईजी राजेश कुमार और डीसी जम्मू एके साहु भी मौजूद थे।