दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में ग्रेनेड हमले के दौरान हुई दो नागरिकों की मौत से गुस्साए लोगों ने आतंक के खिलाफ आवाज उठाई। स्थानीय लोगों ने हमले के विरोध में त्राल बंद रखा। लोगों ने रोड भी जाम रखा। मृतकों के परिवार वालों को सांत्वना देने भारी संख्या में स्थानीय लोग उनके घर पहुंचे।
इस हमले की अभी तक किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।वीरवार को त्राल बस अड्डे पर पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर के दौरे के दौरान आतंकियों ने उनके काफिले पर ग्रेनेड दागा था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
मृतकों की शिनाख्त छत्तरगाम की रहने वाली एमबीए की पढ़ाई कर रही पिंकी कौर पुत्री इछपाल सिंह और त्राल पाइन के रहने वाले गुलाम नबी पुत्र गुलाम अहमद त्राग के रूप में हुई थी। वहीं इस घटना में 7 सीआरपीएफ, दो जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों सहित 21 स्थानीय नागरिक भी घायल हुए थे।
लोगों ने शुक्रवार को आतंक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई। गुस्साए लोगों ने त्राल में बंद रखा। सुबह से ही सभी दुकानें, कारोबारी इदारे, शिक्षण संस्थान आदि बंद रहे। यहां तक कि ट्रैफिक भी कम रहा। सभी लोगों ने इस हमले की कड़ी निंदा की।