अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर/मिश्रीवाला। पुलवामा जिले में पांपोर के गालंदर इलाके में रविवार की रात ट्रक की टक्कर से स्कारपियो सवार दो लोगों की मौत हो गई। तीन सवार घायल हुए हैं। दोनों मृतक जम्मू जिले के अखनूर के मिश्रीवाला इलाके से हैं। देर रात शवों के पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि एक दिन पहले पांचों दोस्त हंसते-खेलते गए थे और हादसे का शिकार हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि काले रंग की स्कॉर्पियो (जेके02डीक्यू-2585) पांपोर की तरफ जा रही थी। उसे जम्मू के अखनूर के मिश्रीवाला (बाबा जित्तो मंदिर, झिड़ी के पास) निवासी जांटी (26) चला रहा था। गाड़ी में चार अन्य लोग बैठे हुए थे। इनमें सोनू (32) निवासी डब दित्ता (झिड़ी से डेढ़ किमी दूर) मिश्रीवाला भी था। उसकी भी मौत हो गई है।
पुलिस के अनुसार देर रात तेज गति से आ रहे ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार पलटती हुई काफी दूर तक चली गई। इसमें जांटी और सोनू की मौत हो गई। अन्य सवार विशाल, हिम्मत अंग्राल और दमन पांडेय घायल हो गए।
घायल विशाल ने बताया कि वे सभी छह जुलाई की रात सात बजे झिड़ी से श्रीनगर की लिए खुशी-खुशी घरवालों से विदा लेकर रवाना हुए थे। पांपोर के पास आधी रात को जब हादसा हुआ तो हमने देखा सोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी और जांटी की हालत नाजुक थी। गाड़ी के पीछे बैठे हम सभी घायल हो गए हैं। हमने बाहर निकलकर एक अन्य ट्रक से लिफ्ट मांगी और गंभीर रूप से घायल जांटी को अस्पताल पहुंचाया, मगर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर सोमवार सुबह एंबुलेंस में जम्मू में उनके घर भेज दिया।
घूमने निकले थे, घर से अकेला कमाने वाला चला गया
सभी पांचों दोस्त श्रीनगर के लिए घूमने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि इनमें दो का यह आखिरी टूर होगा। हादसे में जान गंवाने वाला जांटी परिवार का इकलौता सहारा था। उसके पिता की सात साल पहले मौत हो गई थी। उसके घर में मां और छोटी बहन है। जांटी क्षेत्र में दवाई की दुकान चलाता था और वह अपने परिवार में अकेला ही कमाने वाला था। बताया जाता है कि दोनों मृतक आपस में चचेरे भाई थे और दोनों की माताएं आपस में बहनें हैं।
दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठा
सोनू की मौत से उसके दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। उसके घर में उनकी माता, भाई और पत्नी समेत दो मासूम बच्चे हैं। सोनू शीशे की दरवाजे व खिड़कियां लगाने का काम करता था।