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जम्मू मेडिकल कॉलेज के दो पूर्व प्रिंसिपल को नहीं मिल रही पेंशन, पुराना मनमुटाव तो नहीं!

Tue, 14 Jan 2020 04:11 PM IST
प्रशांत कुमार अमित वर्मा, जम्मू
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जम्मू मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू मेडिकल कॉलेज के दो पूर्व प्रिंसिपल को पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दोनों प्रिंसिपल को संबंधित विभागों से कई महीनों बाद भी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिल पाया है। इनमें एक प्रिंसिपल को नौ और दूसरे प्रिंसिपल को चार माह से पेंशन का इंतजार करना पड़ रहा है। दोनों पूर्व प्रिंसिपल का कहना है कि उनकी ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से एनओसी जारी नहीं किया जा रहा।

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जीएमसी के पैथोलॉजी विभाग के पूर्व एचओडी और पूर्व प्रिंसिपल डॉ. जाहिद गिलानी अप्रैल 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन नौ माह बाद भी उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है। डॉ. गिलानी का कहना है कि उनकी रिकवरी में जीएमसी की लाइब्रेरी से 6 जर्नल निकाले गए थे, जिनकी राशि 77 हजार रुपये बताई गई।

उन्होंने पूर्व के एचओडी की तर्ज पर नेशनल लाइब्रेरी से संबंधित जर्नल के फोटो स्टेट मंगाए और पूरी राशि देने की बात कही। लेकिन जब दस्तावेजों को देखा गया तो पाया गया कि एक पूर्व एचओडी के बकाया में सवा लाख रुपये में सिर्फ 15,000 रुपये लिए गए थे। इसका जीएमसी प्रशासन को जब तर्क दिया गया तो उन्होंने पूरे जर्नल भरने की बात कही।

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पुराना मनमुटाव तो नहीं

इसी तरह रेडियोलॉजी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. घनश्याम देव सितंबर 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उन्हें भी पेंशन का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विभाग की सभी संबंधित सेक्शनों से उन्होंने एनओसी लेकर दे दिया है, लेकिन अब उनसे एचओडी की ओर से बेवजह 10-15 का पुराना रिकॉर्ड मांगा जा रहा है।

वहीं, जीएमसी प्रशासन का कहना है कि डॉ. जाहिद गिलानी के जर्नल के साथ रिकवरी में कई खामियां पाई गई हैं। जिसे उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद भी अभी नहीं लौटाया है। इसी तरह डॉ. घनश्याम देव की संबंधित विभाग की ओर से आपत्ति के बाद अभी एनओसी जारी नहीं किया गया है। दोनों पूर्व प्रिंसिपलों को पेंशन न मिलने का मामला चर्चाओं में है। इन मामलों को लेकर वरिष्ठ फैकल्टी भी अपने भविष्य को लेकर सोच रही है।   

जीएमसी के दोनों पूर्व प्रिंसिपल को एनओसी जारी न होने से पेंशन मामले पर रोक को विभागीय तनातनी के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि जीएमसी प्रशासन की ओर से पुरानी रिकवरी मिलने के बाद एनओसी जारी करने की बात कही जा रही है।
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