इसी तरह रेडियोलॉजी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. घनश्याम देव सितंबर 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उन्हें भी पेंशन का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विभाग की सभी संबंधित सेक्शनों से उन्होंने एनओसी लेकर दे दिया है, लेकिन अब उनसे एचओडी की ओर से बेवजह 10-15 का पुराना रिकॉर्ड मांगा जा रहा है।
वहीं, जीएमसी प्रशासन का कहना है कि डॉ. जाहिद गिलानी के जर्नल के साथ रिकवरी में कई खामियां पाई गई हैं। जिसे उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद भी अभी नहीं लौटाया है। इसी तरह डॉ. घनश्याम देव की संबंधित विभाग की ओर से आपत्ति के बाद अभी एनओसी जारी नहीं किया गया है। दोनों पूर्व प्रिंसिपलों को पेंशन न मिलने का मामला चर्चाओं में है। इन मामलों को लेकर वरिष्ठ फैकल्टी भी अपने भविष्य को लेकर सोच रही है।
जीएमसी के दोनों पूर्व प्रिंसिपल को एनओसी जारी न होने से पेंशन मामले पर रोक को विभागीय तनातनी के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि जीएमसी प्रशासन की ओर से पुरानी रिकवरी मिलने के बाद एनओसी जारी करने की बात कही जा रही है।