सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। हालांकि, पहले से ही तमाम खुफिया एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही हैं। डीएसपी से आईबी और रॉ समेत कई एजेंसियों ने पूछताछ की है।
डीएसपी कई मोबाइल फोन ऑपरेट कर रहा था। इन नंबरों से सिर्फ वह आतंकियों से बात करता था। इन नंबरों की जांच भी की जा रही है। इन नंबरों से फोन कॉल, या फिर सोशल मीडिया के जरिये हुई गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है।
कश्मीर में डीएसपी के साथ पकड़े गए दोनों आतंकी गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में थे। सूत्रों का कहना है कि आतंकी पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू में हमले की साजिश रच रहे थे। दोनों आतंकियों के साथ कुछ और आतंकियों को भी जुड़ना था।
आतंकी नवीद और उसका साथी डीएसपी देविंदर सिंह के साथ पकड़ा गया था। लंबे समय से आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में हैं लेकिन हर बार उनके मंसूबे फेल रहे हैं। साथ ही 370 हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ पीओके में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमलों से तिलमिलाए आतंकी बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। पकड़े गए आतंकी भी बड़ा हमला करने की फिराक में थे।