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जम्मू-कश्मीर डीएसपी मामलाः उपराज्यपाल के सलाहकार बोले- ऐसी राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण

Tue, 14 Jan 2020 02:16 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान, आरोपी डीएसपी - फोटो : अमर उजाला
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हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह के मामले में उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के सलाहकार फारूक खान का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित कोई भी जानकारी साझा नहीं करूंगा, मामले की जांच चल रही है। इस दौरान उन्होंने देविंदर सिंह को धोखेबाज करार दिया। साथ ही उसे पकड़ने व खुलासा करने का श्रेय जम्मू कश्मीर पुलिस को दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक दल उन मामलों पर राजनीति कर रहे हैं जो सीधे भारत की सुरक्षा से संबंधित हैं।

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वहीं इस मामले पर जम्मू कश्मीर पुलिस का भी बयान आया है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने कहा डिप्टी एसपी देविंदर सिंह को गृह मंत्रालय की ओर से किसी वीरता या मेधावी पदक से सम्मानित नहीं किया गया है। उनकी सेवा के दौरान केवल वीरता पदक से सम्मानित किया गया था, जो स्वतंत्रता दिवस 2018 पर जम्मू-कश्मीर राज्य द्वारा किया गया था। पुलिस के मुताबिक 25-26 अगस्त 2017 को जिला पुलिस लाइंस पुलवामा में आतंकवादियों द्वारा एक फिदायीन हमले का सामना करने में उनकी भागीदारी के लिए वीरता पदक दिया गया था, जब वह वहां तैनात थे।
 
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बता दें कि हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद सोमवार को उसके श्रीनगर में इंदिरा नगर स्थित आवास पर छापा मारा गया। पूरे मामले से जुड़ी अहम कड़िया तलाशने के लिए एक दर्जन जांच टीम बनाई गई हैं। यह टीम कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में जांच कर रही हैं। एक टीम स्थायी तौर पर शोपियां में है।

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डीएसपी के साथ पकड़े गए दोनों आतंकी गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में थे

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। हालांकि, पहले से ही तमाम खुफिया एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही हैं। डीएसपी से आईबी और रॉ समेत कई एजेंसियों ने पूछताछ की है।

डीएसपी कई मोबाइल फोन ऑपरेट कर रहा था। इन नंबरों से सिर्फ वह आतंकियों से बात करता था। इन नंबरों की जांच भी की जा रही है। इन नंबरों से फोन कॉल, या फिर सोशल मीडिया के जरिये हुई गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है।
 
कश्मीर में डीएसपी के साथ पकड़े गए दोनों आतंकी गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में थे। सूत्रों का कहना है कि आतंकी पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू में हमले की साजिश रच रहे थे। दोनों आतंकियों के साथ कुछ और आतंकियों को भी जुड़ना था।

आतंकी नवीद और उसका साथी डीएसपी देविंदर सिंह के साथ पकड़ा गया था। लंबे समय से आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में हैं लेकिन हर बार उनके मंसूबे फेल रहे हैं। साथ ही 370 हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ पीओके में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमलों से तिलमिलाए आतंकी बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। पकड़े गए आतंकी भी बड़ा हमला करने की फिराक में थे।
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