दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में रविवार रात से शुरू हुई मुठभेड़ में
सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह हिजबुल के दो आतंकियों को मार गिराया। इस
दौरान प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए की गई फायरिंग में एक स्थानीय
नागरिक घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। मुठभेड़ करीब 15 घंटे तक
चली।
मारे गए आतंकियों की पहचान रेडवानी बाला का जावेद अहमद भट और बदरू
यारीपोरा का इदरीश अहमद नेंगरु के रूप में की गई है। मुठभेड़ स्थल से एक
एके-47 राइफल, एक एसएलआर के अलावा अन्य हथियार और गोलाबारूद बरामद हुए हैं।
जिस मकान में आतंकियों ने पनाह ली थी वो गोलाबारी में पूरी तरह नष्ट हो
गया।
फायरिंग में मारे गए स्थानीय नागरिक की पहचान असिफ अहमद तांत्रे के
रूप में की गई है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार आतंकियों ने रविवार रात
करीब आठ बजे कुलगाम के रेडवानी इलाके में एक राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और
सीआरपीएफ के जवानों पर उस समय फायरिंग की, जब उनके द्वारा इलाके की
घेराबंदी की गई।
मुठभेड़ के दौरान सेना के दो जवान भी घायल
कुलगाम के एसपी मुमताज अहमद के अनुसार आतंकी जिनकी संख्या दो थी, उन्होंने
इलाके में मुजफ्फर अहमद डार के मकान में पनाह ली थी। रविवार देर रात ऑपरेशन
को स्थगित करना पड़ा था। सोमवार की सुबह फिर से ऑपरेशन शुरू हुआ, जिसमें
दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।
जानकारी के अनुसार जैसे ही इलाके में
मुठभेड़ शुरू हुई, बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए।
रविवार रात और सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव भी
किया। आतंकियों को भगाने की पूरी कोशिश की, पर सफल नहीं हुए। पुलिस ने
हालात पर काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
हवाई फायरिंग भी की। इस
दौरान एक स्थानीय नागरिक आसिफ अहमद तांत्रे घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत
हो गई। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार मुठभेड़ के दौरान सेना के दो जवान भी
घायल हुए, जिन्हें सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर
लिखे जानते तक इलाके में प्रदर्शन जारी था।
उधर, मामले को लेकर अलगाववादी
नेता सैयद अली शाह गिलानी ने मंगलवार को कुलगाम बंद का आह्वान किया है।
इदरीश 20 दिन पहले बना था आतंकी
कुलगाम जिले के रेडवानी गांव में मारा गया आतंकी इदरीश अहमद(19) करीब 20 दिन पहले ही आतंकी बना था। सूत्रों के अनुसार इदरीश पेशे से कार चालक था। उसे पहले किसी मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया था। बताया जाता है कि 20 दिन पहले वह लापता हो गया था।
बाद में पता चला कि वह आतंकी संगठन में शामिल हो गया है। दूसरा आतंकी जावेद अहमद का भी अच्छे परिवार से संबंध था। पुलिस के अनुसार पिछले एक वर्ष से वह सक्रिय था। एसपी कुलगाम के अनुसार जावेद हत्या के तीन मामलों में आरोपी भी था।
जावेद के पिता मोहम्मद रमजान के अनुसार पुलिस ने वर्ष 2014 में पत्थरबाजी के आरोप में जावेद को गिरफ्तार किया था। रिहाई के बाद वह आतंकी संगठन में शामिल हो गया। रमजान के अनुसार उन्होंने बेटे को कई बार यह आतंकवाद छोड़ने की सलाह दी, लेकिन वह नहीं माना।