जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पिछले चौबीस घंटे में दो लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इसमें जम्मू के नानक नगर निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त केएएस अधिकारी ने जीएमसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पूर्व स्वास्थ्य निदेशक के बड़े भाई भी थे। उन्हें कई शारीरिक समस्याएं थीं।
कई हफ्तों बाद प्रदेश में दो मौतें हुई हैं। इस बीच प्रदेश में 77 नए संक्रमित मामले सामने आए, इसमें कश्मीर संभाग से 69 मामले हैं। वर्तमान में प्रदेश में 859 संक्रमित मामले सक्रिय हैं। प्रदेश में जम्मू संभाग के रामबन को छोड़कर सभी जिले कोविड संक्रमित हैं। हालांकि, जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में 10 से कम सक्रिय मामले हैं। मंगलवार को प्रदेश में मिले संक्रमित मामलों में 20 यात्री हैं। श्रीनगर में सर्वाधिक 36 संक्रमित मामले मिले हैं, जिसमें 15 यात्री हैं। जम्मू में 13 संक्रमित मामले मिले, जिसमें 2 यात्री हैं। हालांकि 11 जिलों में कोई नया संक्रमित मरीज नहीं मिला। प्रदेश में अब तक 1965 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है, जिसमें कश्मीर संभाग से 1236 मौतें हुई हैं। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 87 संक्रमित मरीज ठीक भी हुए हैं, इसमें कश्मीर संभाग से 69 मरीज हैं। इस बीच सुंजवां सैन्य शिविर में भर्ती रैली के दौरान संबंधित स्टाफ के आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट किए गए। वीरवार को सैनिक स्कूल नगरोटा में 150 कैडेट के आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे। खिलाड़ियों की भी कोविड सैंपलिंग शुरू की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि कॉलेजों में भी जल्द रैंडम सैंपलिंग शुरू की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। शिक्षण संस्थानों में संदिग्ध कोविड मामलों पर नजर रखी जा रही है।
जीएमसी में एक साल में तीन लाख से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट
जम्मू। जीएमसी जम्मू की माइक्रोबायोलाजी लेबोरेटरी में कोविड महामारी के दौरान अब तक एक साल में तीन लाख से अधिक आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। कोविड के शुरू में प्रतिदिन 5 टेस्ट से इसकी शुरुआत करके इसकी क्षमता 3600 तक की गई। विभाग में मंगलवार को कोविड आरटीपीसीआर टेस्ट की पहली वर्षगांठ कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने कोविड के दौरान बेहतर प्रबंधन के लिए डॉक्टर, टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ की सेवाओं की प्रशंसा की। विकट परिस्थितियों में भी विभाग बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने में कामयाब रहा है। कोविड प्रबंधन के लिए माइक्रोबायोलाजी लैब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिमानस्ट्रेटर डॉ. शालू मैंगी ने मुश्किल समय में कोविड प्रबंधन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर डा. पायल दत्ता, रेणु कुमारी आदि मौजूद रहे।