पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी नियंत्रण रेखा पर अलग-अलग सेक्टरों में सुबह से शाम तक भारी गोलाबारी की। बालाकोट सेक्टर से दिगवार तक सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर मोर्टार बरसाए। गोलाबारी में मेंढर के रेहलां क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ की 72वीं बटालियन के दो जवान घायल हो गए। उनकी पहचान सिपाही रियाज अहमद और सिपाही सीएच मनोहर के रूप में हुई है। सुरक्षाबलों ने भी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। सूत्रों के अनुसार, सेना की कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है। समाचार लिखे जाने तक नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी जारी थी।
जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 1.30 बजे से सुबह 6.00 बजे तक पाकिस्तानी सेना ने जिले के मनकोट सेक्टर में गोलाबारी की। इसमें दबराज गांव में कई मकानों को नुकसान पहुंचा। वहीं दिन के समय दस घंटे की खामोशी के बाद अचानक पाकिस्तानी सेना ने फिर से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए बालाकोट और मेंढर में गोलाबारी शुरू कर दी। इसी बीच 5.30 बजे गुलपुर सेक्टर के खड़ी, करमाड़ा और दिगवार सेक्टर में पहले गोलीबारी शुरू की। इसका क्षेत्र में तैनात सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दिया। गोलाबारी से नियंत्रण रेखा से सटे दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। ग्रामीणों को जान बचाने के लिए बंकरों एवं कच्चे मकानों में छुपना पड़ा।
घुसपैठ कराने की कोशिश में जुटा पाकिस्तान
गौरतलब है कि दो दिन में पाकिस्तानी सेना की तरफ से जिले में गोलाबारी की जा रही है। इसके पीछे पाकिस्तानी सेना की मंशा नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद आतंकियों को इस तरफ घुसपैठ कराना है, क्योंकि आने वाले दिनों में इस इलाके में बर्फबारी होने लगेगी, जिससे आतंकियों का घुसपैठ करना नामुमकिन हो जाएगा।