पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया और जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि अभियोजन आरोपी भाइयों के खिलाफ लगी धारा 307, 347 और आर्म्स एक्ट के आरोपों को साबित करने में सफल रहा।
हालांकि आरोपी रेवा रानी और पुष्पा देवी के खिलाफ लगे आरोप साबित नहीं हो सके। आरोपी रवि कुमार और लवली कुमार बेल पर चल रहे थे और अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें हिरासत में लेने के आदेश भी दिए।
दोनों भाइयों को दस-दस साल की सजा सुनाने के अलावा अदालत ने उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने धारा 341 के तहत दोनों भाइयों को एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।