बहुचर्चित और दिल दहला देने वाले तेजाब हमले के मामले में आखिरकार 15 वर्षों बाद पीड़ितों को इंसाफ मिला है। फास्ट ट्रैक कोर्ट कुलगाम के माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 2010 में हुए इस जघन्य अपराध में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है।
यह मामला कोलीनाड लामड़ के एक रेहबर-ए-तालीम शिक्षक और उनकी पत्नी पर उनके ही घर में हुए निर्मम तेजाब हमले से जुड़ा है। इस हमले में शिक्षक पूरी तरह से दृष्टिहीन हो गए थे, जबकि उनकी पत्नी को गंभीर रूप से झुलसने के कारण जीवन भर का घाव मिला।
दोषी ठहराए गए आरोपी यासीन कुले और इकबाल कुले निवासी कुलेनाड लामड़, देवसर हैं। कोर्ट ने फैसला थाना काजीगुंड में दर्ज मामला नंबर 214/2010 में सुनाया गया। अदालत की कार्यवाही के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह हमला पूर्व नियोजित था और अत्यंत निर्दयता से अंजाम दिया गया। अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और चश्मदीद गवाहों के बयान पेश किए, जिनके आधार पर निर्णय सुनाया गया। दोषियों को दी जाने वाली सजा पर आने वाले दिनों में बहस की जाएगी।