सूत्रों के अनुसार ड्रोन की खरीद की तैयारी जुलाई में हुई थी। 12 बिहार रेजिमेंट के तकनीकी बोर्ड ने 25 जुलाई को बैठक कर बाजार में उपलब्ध अलग-अलग कामिकाजे ड्रोन का अध्ययन किया। इसके बाद ब्रिगेड के परिचालन क्षेत्र में मौजूद संभावित खतरे और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ड्रोन की खूबियां तय की गईं। बोर्ड ने रिपोर्ट में इन्हीं जरूरतों के आधार पर तकनीकी मानकों को अंतिम रूप दिया है।
सात इंच के ढांचे वाले इन ड्रोन में कार्बन फाइबर का इस्तेमाल होगा। इसमें जीपीएस के साथ ग्लोनास और गैलीलियो जैसी उपग्रह आधारित दिशा प्रणाली होगी। तीन दिशाओं में स्थिति का पता लगाने वाला यंत्र भी होगा। इसमें 10 हजार एमएएच की लिथियम आयन बैटरी होगी। दोहरी आवृत्ति वाला संकेत ग्रहण तंत्र भी होगा।