ट्रकों की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को रियासत में 20 हजार ट्रकों के पहिए थमे रहे। इस हड़ताल का आह्वान आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने किया था। संगठन की प्रमुख मांग है कि डीजल तेल को जीएसटी के दायरे में लाकर कीमत कम की जाए, मोटर वाहन कानून में कुछ संशोधन वापस हों।
राज्य में 20 हजार ट्रकों के थमने से लगभग दस करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। उधमपुर, कठुआ के अलावा जम्मू में शुक्रवार को ट्रक सड़क पर नहीं निकले। लखनपुर से लेकर श्रीनगर तक ट्रक रुके रहे। कहीं पर भी लोडिंग और अनलोडिंग का काम नहीं हुआ। नगरोटा और उधमपुर में भी कश्मीर जाने वाले ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहीं। लखनपुर में लगभग 1700 ट्लक हाईवे खड़े रहे। हड़ताल में शामिल ट्रक यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
राज्य ट्रक यूनियन के प्रधान नानक सिंह का कहना है कि देशभर के ट्रक चालकों के समर्थन में हम भी हैं। पहले से ट्रक चालक लगातार बढ़ते दामों की वजह से परेशान हैं, ऊपर से आए दिन परिवहन से संबंधित शुल्क बढ़ा दिए जाते हैं। ट्रक चालक इस काबिल नहीं रहे कि वे सड़कों पर उतर सकें। अधिकतर ट्रक किस्तों पर लिए गए हैं, लेकिन मालिकों के आगे दिक्कत यह पैदा हो गई है कि वह ईएमआई तक नहीं निकाल पा रहे हैं। बताया कि एक ट्रक यदि सड़क पर न उतरे तो उसे पांच हजार रुपये का नुकसान होता है।