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कश्मीर घाटी में खिलने लगे ट्यूलिप के फूल

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कश्मीर घाटी में सर्दियों में मौसम खुश्क रहने और अब तापमान में बढ़ोतरी का असर हर चीज पर दिखाई देने लगा है। मौसम का असर फूलों पर भी पड़ रहा है।
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ट्यूलिप के फूल भी समय से पहले खिलने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जिसमें फूल खिलने शुरू हो गए हैं।

करीब 20 एकड़ पर फैले गार्डन में 10 लाख ट्यूलिप के फूल हैं, जो पहली बार समय से पहले खिलने लगे हैं। लोरीकल्चर विभाग के डायरेक्टर तलत परवेज ने कहा कि जिस प्रकार का मौसम कश्मीर में इस बार रहा, वह कारण है ट्यूलिप के जल्द खिलने के पीछे।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो जल्द गार्डन में पूरी तरह से फूल खिल जाएंगे। यह आने वाले एक सप्ताह के मौसम पर निर्भर करेगा। परवेज के अनुसार हो सकता है कि इस बार ट्यूलिप गार्डन को समय से पूर्व खोला जाए।
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ट्यूलिप गार्डन में असिस्टेंट फ्लोरीकल्चर अफसर इमरान अहमद के अनुसार करीब एक हजार ट्यूलिप के फूल खिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि ट्यूलिप के फूलों के खिलने के लिए आदर्श तापमान 15 से 16 डिग्री है।
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क्या खास है ट्यूलिप गार्डन में?

इस मौसम में कश्मीर का तापमान 20 डिग्री से ऊपर रहा है। इससे अधिकांश फूल की किस्में जल्दी खिलने शुरू हो गए हैं। कहा कि वर्ष 2008 में अर्ली ब्लूमिंग देखने को मिली थी, जब 25 मार्च के आसपास गार्डन को खोला गया था।

ट्यूलिप गार्डन को पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा वर्ष 2008 में बनवाया गया था। यह विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है। हॉलैंड में स्थित विश्व के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन क्यूकेनहोफ के मुकाबले यहां विभिन्न रंगों की 70 से अधिक ट्यूलिप की किस्में हैं।

वर्ष 2012 में ट्यूलिप गार्डन में सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे, जिनकी संख्या 12 लाख के करीब थी। वर्ष 2015 में 1.2 लाख, जबकि वर्ष 2014 में 1.6 लाख पर्यटक पहुंचे थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्यूलिप के फूल का लाइफ-स्पैन 15 से 17 दिनों का होता है। सर्दियों में बर्फबारी और बारिशों के चलते जमीन में नमी हो जाती है।

मौसम गर्म रहने से फूल जल्द खिलने शुरू हो गए हैं। आने वाला मौसम बिना किसी बारिश के रहा तो इसका प्रभाव ट्यूलिप के लाइफ-स्पैन पर भी पड़ सकता है। 
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