झज्जर कोटली में मारे गए तीन आतंकियों को घाटी ले जाने से पहले चालक और उसके सहयोगी ने आतंकियों के लिए सेक्टर 1-ए एक्सटेंशन, त्रिकुटा नगर में खरीदारी की थी। इसमें आतंकियों के लिए तीन खुले ट्राउजर, तीन टी शर्ट और एक जींस खरीदी थी।
खरीदारी करने आए दो लोगों में से ट्रक चालक को सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया है, जबकि दूसरा फरार है। ऐसी आशंका है कि वह जम्मू में आतंकियों के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर का काम कर रहा था। पुलिस की ओर से दुकानदार को दिखाई गई दो फोटो में से उसने सिर्फ एक (चालक) की ही पहचान की थी।
दुकानदार विनीत ने बताया कि गत 10 सितंबर को दोपहर बाद दो लोग कपड़े खरीदने के लिए आए थे। इनमें एक दाढ़ी वाला करीब 35 वर्ष और दूसरा 25 वर्ष का स्लिम युवक था। दोनों पैदल ही दुकान पर आए थे। वे 15 मिनट तक दुकान पर रहे। उन्हें देखकर कोई हड़बड़ाहट नजर नहीं आ रही थी। खरीदे गए कपड़ों की कीमत करीब 4800 रुपये बनी। उन्होंने ज्यादा मोलभाव नहीं किया और 4500 रुपये दिए। सभी पैसों का भुगतान पुराने पचास रुपये के नोटों की दस्ती से निकालकर किया गया। इसके बाद वे चले गए।
झज्जर कोटली में 12 सितंबर को मुठभेड़ शुरू हुई। मुठभेड़ स्थल पर दुकान का लिफाफा मिलने पर पुलिस दुकानदार तक पहुंची थी। पुलिस ने विनीत को दो फोटो दिखाए थे, जिसमें उसने चालक की ही पहचान की थी। ऐसी भी आशंका है कि चालक सहित जो दूसरा व्यक्ति खरीदारी के लिए दुकान तक पहुंचा था वह ट्रक को कहीं पास में लगाकर पैदल आए हों।
सूत्रों के अनुसार आतंकियों को घाटी तक ले जाने के नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। चालक के फोन डिटेल से कई ट्रांसपोर्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं। झज्जर कोटली आतंकी हमले के संबंध में स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर 89/2018, अंडर सेक्शन 307, 120बी आरपीसी, 7/25 आर्म्ड एक्ट, 16/17 यूएलए के तहत जांच में त्रिकुटा पुलिस की मदद ली जा रही है।