मृतक नेताओं को श्रद्धांजलि देते विधायक
- फोटो : Amar Ujala
वीरवार को राज्य विधान सभा और विधान परिषद के पटल पर राजनीति से ऊपर उठकर बातें हुईं। पीडीपी-भाजपा से लेकर मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के नेताओं ने एक स्वर में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से श्रद्धांजलि के स्वर उभरे तो साथ ही सच्ची श्रद्धांजलि के लिए कश्मीर मसले के हल का सुझाव भी पेश किया गया।
विधानसभा के सदन में मुफ्ती मोहम्मद सईद के अलावा पूर्व राज्यपाल जनरल रिटायर्ड केवी कृष्णा राव, पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़, पीएम संगमा, तीन पूर्व मंत्रियों और सदन के दो पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।
विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने श्रद्धांजलि के लिए 9 नेताओं का जिक्र किया जिसके बाद नेशनल कांफ्रेंस से सबसे पहले बोलते हुए उड़ी से मोहम्मद शफी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद का राजनीतिक करियर दमकता रहा। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शफी ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर पीडीपी का गठन कर मुफ्ती ने दिल्ली सत्ता प्रतिष्ठान को बताया कि जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जा रखता है।
ऐसे में मुफ्ती को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए कश्मीर मसले का हल सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में न सिर्फ अनुच्छेद 370 को कायम रखना है बल्कि इसे और मजबूत करना होगा। लगे हाथ उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा भाजपा बाबर का जिक्र करती रही है लेकिन अब पार्टी नेता ईरान में मिर्जा गालिब की रचनाओं के अनुवाद पर जोर दे रहे हैं।