बन टोल प्लाजा पर लगने वाले शुल्क और ट्रांसपोर्ट से संबंधी अन्य मांगों के विरोध में 24 अप्रैल को राज्यभर में चक्का जाम रहेगा। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने घोषणा करते हुए लखनपुर से लेह तक सभी तरह के व्यवसायिक वाहनों को बंद रखने का निर्णय लिया है।
ट्रांसपोर्टरों को 18 अप्रैल को ही चक्का जाम करना था, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से हड़ताल टल गई, लेकिन बन टोल प्लाजा पर लगने वाले शुल्क में कोई राहत न देने में नाकाम हुई सरकार से खफा ट्रांसपोर्टर फिर से हड़ताल करने जा रहे हैं। राज्य ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह वजीर का कहना है कि पहले से ही ट्रांसपोर्टर बोझ तले दबे हुए हैं।
कई तरह के शुल्क ट्रांसपोर्टरों को देने पड़ रहे हैं। लखनपुर में ही ट्रांसपोर्टरों को शुल्क चुकाना पड़ रहा है। अब ट्रांसपोर्टर इस हालत में नहीं कि बन टोल प्लाजा पर शुल्क दे सकें। सरकार को अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसलिए अब चक्का जाम करने के सिवा कोई दूसरा चारा नहीं।
अभी ट्रांसपोर्टर एक दिन के लिए चक्का जाम कर रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्टर मामला हल न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का राज्य के यातायात पर व्यापक असर पड़ेगा।
राज्य में 30 हजार आटो रिक्शा, छह हजार मेटाडोर, 10 हजार बसें और 40 हजार के करीब टैक्सी सूमो सहित अन्य यात्री वाहनों सहित 80 हजार वाहन चलते हैं। चक्का जाम होने से कटड़ा वैष्णो देवी और पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।