पावर इंप्लाइज कोआर्डिनेशन कमेटी के संयोजक सचिन दीपू का कहना है कि हिंदी के आधिकारिक भाषा हो जाने से इसके इस्तेमाल से विभागीय कामकाज में हिंदी को बढ़ावा मिलेगा। पहले राजस्व पेपर सहित अन्य दूसरे दस्तावेजों दूसरी भाषा में रहते थे। लेकिन खासतौर पर जम्मू प्रांत के लोग ऐसी भाषा से अंजान थे। नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के सचिव शंबेर सिंह ने हिंदी के आधिकारिक भाषा घोषित होने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अब सभी विभागों में हिंदी में कामकाज होगा।
जम्मू विश्वविद्यालय की हिंदी विशेषज्ञ परविंदर कौर ने कहा कि हिंदी का उपयोग करने वालों के लिए यह खुशी की बात है। इससे हिंदी बोलने, लिखने वालों की संख्या बढ़ेगी। लोगों को आगे आकर हिंदी को अपनाना चाहिए। हिंदी भाषा में कई विशेषताएं हैं। यह आम लोगों तक पहुंच रखती है।