शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा है कि नई सरकार बदले की भावना से काम नहीं करेगी। कैबिनेट की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए अख्तर ने कहा कि सरकार प्रशासन के चेहरे में बदलाव लाना चाहती है।
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ताजा तबादलों में बदलाव लाने की कोशिश निहित है। पूर्व शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में कथित रूप से हुए घोटाले के बारे में उन्होंने कहा कि हम पीछे मुड़कर देखना नहीं चाहते। अगर कहीं गड़बड़ी पकड़ में आती है तो कानून अपना काम करेगा।
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उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह के उस बयान को अख्तर टाल गए, जिसमें उन्होंने कहा था कि शासन के कुछ लोग सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में उप मुख्यमंत्री से ही सवाल किया जाना चाहिए।
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रियासत के झंडे को लगाने की अनिवार्यता संबंधी विवाद को भी शिक्षा मंत्री टाल गए। गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर कहा था कि संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के लिए राष्ट्रीय झंडे के साथ रियासत का झंडा लगाना जरूरी है।
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रियासत के झंडे की भी वही गरिमा है जो राष्ट्रीय झंडे की है। इस आदेश को भाजपा मंत्रियों को लक्ष्य बनाकर जारी करने वाला बताया।