महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व सशक्त करने के मकसद से उन्हें मशरूम की खेती बाड़ी करने को लेकर ट्रेनिंग दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र राजोरी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ट्रेनिंग शिविर में बीपीएल परिवारों से संबंध रखने वाली 30 महिलाओं को केवीके के विशेष वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
केवीके राजोरी के हैड एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डा अरविंद इश्र ने बताया कि मशरूम की खेती के लिए महिलाओं को कोई अधिक निवेश की जरूरत भी नहीं पड़ती है। इससे उनकी अतिरिक्त आय उत्पन्न होने लगेगी। वहीं, इस दौरान ट्रेनिंग में भाग ले रही महिलाओं को मशरूम खेती के बुनियादी गुर सिखाए।
उन्हें बताया गया कि वह मशरूम खेती के लिए खेत कचरे को खाद के तौर पर प्रयोग कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भूमि या अतिरिक्त समय की भी जरूरत नहीं पड़ती है। वहीं, ट्रेनिंग में भाग ले रही महिलाओं व सरपंच ने केवीके राजोरी के इस कदम की सराहना की और कहा मशरूम की खेती से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।