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11 महीने बाद घाटी में दौड़ीं ट्रेनें, पठानकोट के लिए भी सेवा शुरू, किराया हुआ दोगुना

Tue, 23 Feb 2021 04:45 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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श्रीनगर रेलवे स्टेशन - फोटो : amar ujala
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कोरोना महामारी के कारण पिछले 11 महीने से बंद ट्रेन सेवा सोमवार से घाटी में बहाल कर दी गई। इसके साथ ही उधमपुर-पठानकोट के बीच पैसेंजर ट्रेन भी नियमित रूप से शुरू कर दी है। दोनों ही जगहों पर किराया लगभग दोगुना कर दिया गया है। कोरोना महामारी के चलते मार्च महीने में ट्रेन सेवा बंद कर दी गई थी। 

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घाटी में बारामुला-बनिहाल के बीच रेल सेवा बहाल होते ही पहले दिन 1150 यात्रियों ने यात्रा की। उत्तर रेलवे के श्रीनगर स्थित चीफ  एरिया मैनेजर साकिब यूसुफ  ने बताया कि अभी आंशिक रूप से इस सेवा को बहाल किया गया है। बारामुला-बनिहाल के बीच केवल दो ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो बारामुला से सुबह 9:10 जबकि बनिहाल से सुबह 11:25 बजे रवाना होगी। हालात में सुधार होने पर भविष्य में इसमें और बढ़ोतरी की जाएगी। पहले दिन 1150 यात्रियों ने ट्रेन में यात्रा की। इसमें बारामुला से बनिहाल की ओर शुरू हुई रेल में 550 जबकि बनिहाल से बारामुला की ओर 600 यात्रियों ने सफर किया। 

उधमपुर-पठानकोट के बीच पहले दिन ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या काफी कम रही। उधमपुर से चलने वाली इस ट्रेन के किराये में वृद्धि की गई है। उधमपुर से जम्मू तक अब 35 रुपया किराया लगेगा, जो पहले की तुलना में 15 रुपये अधिक होगा। सोमवार को शुरू हुई ट्रेन में यात्रियों की संख्या काफी कम थी। पठानकोट से सुबह 4:40 बजे ट्रेन चलकर सुबह 9:15 बजे उधमपुर पहुंची। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 04616 उधमपुर से दोपहर 3:55 पर रवाना हुई जो शाम 7:05 पर पठानकोट पहुंची। 
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ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्री खुश
ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों ने खुशी का इजहार किया। यात्री आसिफ  अहमद ने कहा कि उन्हें बारामुला से श्रीनगर आने में करीब एक घंटे से थोड़ा अधिक समय लगा। इस सेवा से टाइम और पैसा दोनों की बचत होती है। गर्मियों के समय औसतन प्रति दिन 35 हजार से अधिक यात्री ट्रेन में यात्रा करते हैं। जबकि सर्दियों में यह संख्या 25 हजार तक पहुंच जाती है। बारामुला से बनिहाल के बीच 137 किलोमीटर रेल रूट पर 17 स्टेशन हैं।

पहले भी घाटी में बंद हो चुकी है रेल सेवा
कोरोना महामारी से पहले 5 अगस्त 2019 को केंद्र द्वारा विशेष दर्जा वापस लिए जाने के चलते करीब 100 दिनों तक रेल सेवा बंद रही थी। जबकि 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद पैदा हुई तनाव की स्थिति के चलते करीब 6 महीने के लिए बंद रखी गई थी। 

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी मजबूती: रेल मंत्री
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि घाटी में ट्रेन सेवा शुरू होने से आवाजाही में सुगमता के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। ट्वीट कर कहा कि 22 फरवरी से दो रूटों बनिहाल और बारामुला रेल खंड पर ट्रेन सेवा शुरू की जा रही है। रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि देश में पहले ही 65 फीसदी ट्रेनें चल रही हैं। जनवरी में ही 250 ट्रेनों को शुरू किया जा चुका है। गौरतलब है कि कोरोना के कारण मार्च 2020 से ही नियमित रेल सेवा बंद थी।

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