जम्मू। अब वाहनों में काले शीशे (टिंटेड ग्लास) लगाकर घूमने वालों की खैर नहीं होगी। ट्रैफिक पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है। टिंटेड ग्लास लगा है या नहीं, यह टिंटेड मीटर बताएंगे। वाहन के शीशे की विजिबिलिटी 30 फीसदी से कम मिलने पर तुरंत सीज किया जाएगा।
दरअसल, नाके के दौरान काले शीशों की पारदर्शिता को लेकर अक्सर वाहन चालकों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक होती है। चालक हमेशा नियमानुसार कार के शीशे पारदर्शी होने का दावा करते थे। अब टिंटेड मीटर से पारदर्शिता की सटीक जानकारी तुरंत डिजिटल स्क्रीन पर आ जाएगी। इससे पुलिस और वाहन चालकों के बीच होने वाले विवाद खत्म हो जाएंगे।
अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शनिवार को एसएसपी ट्रैफिक (जम्मू) अमित भसीन ने बिक्रम चौक में मोर्चा संभाला और टीम के साथ वाहनों की जांच की। एसएसपी ने कई गाड़ियों को रोककर टिंटेड मीटर के जरिये शीशों की विजिबिलिटी मापी। इस दौरान उन्होंने वाहन चालकों को नए नियमों के प्रति जागरूक किया और हिदायत दी कि टिंटेड ग्लास या किसी भी प्रकार की ब्लैक फिल्म का इस्तेमाल न करें। एसएसपी ने बताया कि इस मीटर के रेफरेंस होते हैं जिनकी मदद से वाहन के शीशे की सटीक विजिबिलिटी का पता लगाया जाता है।
निलंबित आरसी पर सड़क से हटेंगे वाहन
एसएसपी ने सख्त लहजे में कहा कि पांच से ज्यादा चालान होने पर वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निलंबित कर दी जाएगी। ऐसे किसी भी वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं होगी। निलंबित आरसी वाले वाहनों को पकड़ने के लिए विशेष नाके लगाए जाएंगे। यह भी कहा कि अगर किसी वाहन चालक को गलत चालान की शिकायत है तो वह संपर्क कर सकता है। वाहन चालक चालान होने के 15 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने लोगों को सभी नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।