उजबेकिस्तान के ताशकंद में भारत-पीओके क्रास एलओसी ट्रेडर्स मंगलवार को आपस में मिले। उन्होंने बैठक कर जम्मू-कश्मीर में 2005 से नियंत्रण रेखा के आरपार चल रहा क्रास एलओसी ट्रेड को बहाल कराने पर भारत-पाकिस्तान सरकार से बात को दबाव बनाने पर विचार विमर्श किया।
इस दौरान दोनों तरफ के व्यापारियों ने क्रास एलओसी ट्रेड को आधुनिक तौर पर चलाए जाने और इससे नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ वित्तीय विकास की संभावनाओं पर भी सहयोग देने की बात कही। बैठक में दोनों तरफ के करीब 25 व्यापारी शामिल रहे। इनमें दोनों तरफ से करीब चार महिला व्यापारी भी रहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी भारत पाकिस्तान के क्रास एलओसी ट्रेडर्स विदेश में बैठक कर चुके हैं, क्योंकि क्रास एलओसी ट्रेडर्स की चक्कां द बाग जीरो लाइन और उड़ी मुजफ्फराबाद जीरो लाइन पर बैठक न होने के बाद गत वर्ष व्यापारियों ने विदेश में बैठक की थी।
उसके उपरांत इस वर्ष अप्रैल से केंद्र सरकार की तरफ से खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और एनआईए की जांच में क्रास एलओसी ट्रेड का दुरुपयोग किए जाने, हवाला का पैसा, ड्रग्स और हथियार लाए जाने की बात का खुलासा होने के बाद ट्रेड को स्थगित कर दिया गया था।
इसके उपरांत 23 से 25जून तक भारत एवं पीओके के ट्रेडर्स ताशकंद में ट्रेड को दोबारा बहाल कराने को लेकर बैठकें की हैं। सभी ने सर्व सम्मति से क्रास एसओसी ट्रेड को बहाल कराने पर बल दिया। इन व्यापारियों का मानना है कि क्रास एलओसी ट्रेड जम्मू कश्मीर के दोनों भागों के लोगों के बीच विश्वास बहाली का अहम साधन है।
ट्रेडर्स ने इस बात पर भी रोष प्रकट किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच कई प्रकार के मतभेदों अथवा तनावपूर्ण हालात होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहता है तो ऐसे में नियंत्रण रेखा के आरपार होने वाला ट्रेड बार-बार क्यों स्थगित किया जाता है।
इस अवसर पर जम्मू, श्रीनगर और मीरपुर पीओके के व्यापारियों के एक साझा रीजनल चैंबर का भी गठन किया गया, जिसमें जम्मू कश्मीर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान राकेश गुप्ता को प्रधान, कश्मीर चैंबर के प्रधान शेख आशिक और मीरपुर के शेख शुजा को सह प्रधान चुना गया ताकि वह लोग भारत-पाकिस्तान की सरकार से ट्रेड को बहाल करने और ट्रेड के उद्देश्य सीबीएम कांफिडेंट बिल्डिंग मेजर को मजबूत बनाने के लिए काम कर सकें।