इन दिनों जम्मू और उसके आस-पास के इलाकों में भीषण गरमी पड़ रही है। इस भीषण गरमी में लोगों को अगर किसी चीज से सुकून मिल सकता है तो वह पानी। अगर आप छुट्टी के दिन गरमी से बेहाल है तो मानेसर झील आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।
मानेसर झील जम्मू से 62 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। मानेसर झील जम्मू के सबसे पॉपुलर पिकनिक स्पॉट में से एक है। ये झील चोरों और से बेहद ही खूबसूरत जंगल से घिरी हुई है। जो आपको इस गरमी में एक सुखद आनन्द प्रदान करेगा।
मानेसर झील के पूर्वी किनारे पर एक बहुत ही प्रसद्धि शेषनाग का मंदिर है। इस मंदिर की खास बात ये है कि इसकी बनावट छह फन वाले नाग के जैसी है। इस झील से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं भी हैं। ऐसा कहा जाता है कि ये झील अर्जुन के बाण मारने से बनी थी।
पौराणिक कथाओं और टूरिस्ट प्लेस होने की वजह से यहां काफी लोग आते हैं। फिर चाहे वे शेषनाग के दर्शन करने या फिर पिकनिक मनाने। इस झील पर जम्मू सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रजेक्ट चला रही है।
क्या है देखने लायक-
इस झील में देखने लायक तरह-तरह की पौधों की प्रजातियां और पानी में कई तरह की रंगीन मछलियां और पानी पर तैरती हुई बतखें है। वाइल्डलाइफ सेंचुरी ने यहां पर हिरन, नीलगाय, पानी पर रहने वाले पक्षी और भी कई तरह के पशु पक्षी उपलव्ध करवाए हैं।
यहां पर आप लोकल संस्कृति का भी आनन्द उठा सकते हैं। इस इलाके में गुर्जर और बकरवाल समुदाय के लोग रहते हैं। जिनकी अपनी एक अलग रहन-सहन के तौर तरीके हैं। इन जनजातियों मे देखने लायक यहां की महिलाओं के पारंपरिक पररिधान और आभूषण है।
कैसे पहुंचे यहां तक-
इस झील के किनारे कई और भी मंदिर बने हुए हुए हैं, उनहें बी देखा जा सकता है। इन मंदिरों में उमापति महादेव और नरसिम्हा मंदिर खास हैं। मानेसर के लिए केवल सड़क सुविधा उपलब्ध है। एमएच-1 हाईवे से यहां तक जाता है।