- लद्दाख में पर्यटन से जुड़ीं 14 हजार यूनिट प्रभावित, लीड बैंक ने मुख्य सचिव को भेजा आकलन
-टूर-ट्रैवल, होटल-रेस्टोरेंट, होम स्टे आदि सभी तरह की इकाइयां शामिल, आरबीआई पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पहलगाम आतंकी हमले के बाद लद्दाख में पटरी से उतरे पर्यटन की वजह से यहां करीब 14 हजार इकाइयां सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। इसमें से ज्यादातर लोन के सहारे चल रही थीं। इनमें जेएंडके बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों के करीब 13 हजार ऋण खातों पर एक हजार से भी अधिक का लोन था। अब लीड बैंक की ओर से कुल 1030 करोड़ रुपये के लोन पर राहत का प्रस्ताव मुख्य सचिव को भेजा गया है।
लद्दाख की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है। बीती 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों के कायराना हमले के बाद पर्यटन के एकदम ठप पड़ जाने से कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी की दिक्कत खड़ी हो गई थी। ज्यादातर कारोबारियों ने लोन पर काम शुरू किया था, ऐसे में उनके सामने लोन की मासिक किस्त यानी ईएमआई तक चुकाने का संकट था। नुकसान झेलने वालों में टूर-ट्रैवल, होटल-रेस्टोरेंट, होम स्टे, हैंडीक्राफ्ट आदि सभी तरह के कारोबार शामिल थे।
कारोबारी लगातार लोन री-स्ट्रक्चरिंग, ब्याज माफ किए जाने और मोरोटेरियम अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। अपने इन मुद्दों को लेकर उन्होंने लद्दाख के एलजी ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) वीके मिश्रा और मुख्य सचिव डॉ. पवन कोतवाल से भी मुलाकात की थी।
लीड बैंक एसबीआई की मैनेजर सेरिंग वांगमो ने बताया कि मुख्य सचिव ने यूटी लेवल बैंकर्स कमेटी यानी यूटीएलबीसी को इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। कई दिन की कवायद के पश्चात अब लीड बैंक की ओर से मुख्य सचिव को 1030 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। उनकी तरफ से इस प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को भेजा जाएगा। अब लद्दाख के सभी कारोबारियों की नजर आरबीआई के अगले कदम पर लगी है।