मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वैज्ञानिकों से कहा कि वह विज्ञान को जन उपयोगी बनाने के लिए काम करें। नागरिक सचिवालय में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एस्ट्रोफिजिक्स बेंगलुरू और इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फार एस्ट्रोनामी एंड एस्ट्रोफिजिक्स पुणे के वैज्ञानिकाें के समूह से मुखातिब महबूबा ने कहा जम्मू कश्मीर की आर्थिक हालत में सुधार होना चाहिए।
उन्होंने कहा एस्ट्रोनामी विषय के माध्यम से यदि राज्य के युवाओं को बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है, तो सरकार हर मुमकिन सहयोग देगी। महबूबा ने राज्य के पर्यटन और कृषि क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि दोनों ही क्षेत्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एस्ट्रोनामी और एस्ट्रोफिजिक्स विषयाें के माध्यम से इन क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मौसम की विपरीत परिस्थितियों के दौरान रियासत के अधिकांश इलाके अलग-थलग पड़ जाते हैं। रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर ऐसे इलाकों को राहत दिलाने की व्यवस्था की जा सकती है। विज्ञान को यदि इस नजरिए से रियासत में इस्तेमाल किया जाए, तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में प्लेनेटोरियम स्थापित करने का विचार साझा किया, ताकि विद्यार्थी अंतरिक्ष को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। बैठक में मौजूद शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा इसरो के आउटरिच प्रोग्राम को लेकर बातचीत की जा रही है।
डा. सुमक रे चौधरी ने बताया कि कश्मीर यूनिवर्सिटी और आईआईए, आईयूएए मिलकर कश्मीर यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग में एडवांस्ड सेंटर फार रिसर्च इन ऑब्जरवेश्नल एस्ट्रोफिजिक्स स्थापित करने जा रहे हैं। अन्य वैज्ञानिकों ने भी विभिन्न अवसरों में जम्मू कश्मीर के हितों को लेकर विचार रखे।