- पहलगाम हमले के बाद हुए थे बंद, अनिश्चितता हुई खत्म
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। पहलगाम हमले के बाद से बंद पड़े 14 पर्यटन स्थल खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी पर्यटकों की चहल-पहल देखने को नहीं मिल रही। कुछ स्थल ऐसे हैं, जो गर्मियों के मौसम के लिए मुफीद हैं। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि मौसम थोड़ा बेहतर हो जाने के बाद पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा होगा।
किश्तवाड़ का मुगल मैदान गर्मियों के सैर-सपाटे के लिए स्थानीय नागरिकों में एक लोकप्रिय स्थल है। यह जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर है। अभी ठंडा मौसम होने की वजह से यहां पर्यटक नहीं पहुंच रहे।
देवी पिंडी जम्मू से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर रियासी जिले में पहाड़ियों के बीच स्थित माता का मंदिर है। साहसिक गतिविधियों के शौकीन यहां तक ट्रेक भी पसंद करते हैं। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस स्थल को भी पहलगाम हमले के बाद बंद कर दिया गया था। यहां का रुख भी इक्का-दुक्का लोगों ने ही किया है।
खाड़ी बनिहाल के पास स्थित माहु वैली का हिस्सा है माहु मंगत, जो अपने खूबसूरत चरागाह के लिए जाना जाता है। रामबन स्थित इस स्थल को भी पहलगाम हमले के बाद बंद कर दिया गया था। इसे भी अभी पर्यटकों का इंतजार है।
कश्मीर में बढ़ाई सुरक्षा, लोगों को पर्यटन बढ़ने की उम्मीद
पहलगाम हमले के बाद बंद 11 पर्यटन स्थलों को खोल दिया गया है, साथ ही पर्यटकों की आमद के मद्देनजर इन स्थलों पर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सुरक्षाबलों के जवान भी निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्र के होटल मालिक, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, दुकानदार, टूरिस्ट गाइड, कारीगर सभी पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं। कोकरनाग स्थित डांडीपोरा पार्क के खुलने से होटल पैराडाइज इन के मालिक आसिफ अहमद ने भी बेहतरी की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि पार्क बंद होने से काफी नुकसान हुआ था। पर्यटक आएंगे तो रोजी-रोटी फिर पटरी पर आएगी।