जम्मू संभाग में सांबा जिले के रामगढ़ सब सेक्टर में भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक बाबा चमलियाल की मजार पर चादर चढ़ाकर मेले की रस्म पूरी की गई। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ विकास कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि हर साल बाबा चमलियाल मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। बाहरी राज्यों से भी लोग बाबा की मजार पर माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। जिन लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं, वह बैंड बाजों के साथ भी पहुंचते रहे हैं।
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मेले को लेकर तैयारियां भी काफी पहले से शुरू हो जाती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानें सजाई जाती हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते सिर्फ रस्म अदायगी की गई। पहले मेले का आयोजन बीएसएफ की ओर से किया जाता था।
बाद में जिला प्रशासन ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाल ली। मेले के दौरान शरबत लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हो सका। सिर्फ विकास कमेटी के सदस्यों ने ही चादर चढ़ाकर रस्म पूरी की।
यह पहला मौका है जब मेले का आयोजन नहीं हो सका। कारगिल युद्ध के दौरान सीमा पर बने तनाव के समय भी मेले को दग गांव में किया गया था। तब वहां पर अस्थायी मजार बनाई गई थी, लेकिन मेले को स्थगित नहीं किया गया था।