डोडा-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोड़ा पानी असर के निकट रामधन गोल से डोडा आ रही एक ईको वैन लगभग 700 फीट नीचे बह रहे रगी नाला में गिर गई। हादसे में गाड़ी चला रहे जैकलाई के जवान, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले सभी आपस में रिश्तेदार हैं।
वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से सभी शवों को खाई से बाहर निकाला। हादसे में सैकड़ों पुट ऊपर से गिरी वैन के परखच्चे उड़े गए। मरने वाले सभी रामबन जिले के रहने वाले हैं। पिछले दो दिनों में चिनाब वैली में यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। एक दिन पहले किश्तवाड़ जिले में एक कार भोट नाले में गिरी थी। जिसमें सवार छह लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
बताया जाता है कि शुक्रवार सुबह जैकलाई में कार्यरत जवान मोहम्मद आसिफ ईको वैन (जेके019-6674) में एक महिला व तीन बच्चों को लेकर रामधन गोल से डोडा के लिए निकला था। डोडा-जम्मू हाईवे पर कोड़ा पानी असर के निकट उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और वैन लगभग सात सौ फीट गहरी खाई में समा गई।
हादसे में तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों और वहां से गुजर रहे वाहनों सवारों ने पुलिस की मदद से उन्हें बाहर निकाला और पीएससी असर पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान चालक मोहम्मद आसिफ (24) पुत्र गुलाम अली निवासी डेडा, गूल रामबन, तस्लीमा बेगम पत्नी (30) शाह नवाज निवासी साल बाला रामबन, साहिल (06) पुत्र शाह नवाज, शाहजैब (03) पुत्र शाह नवाज निवासी साल बाला गूल, रामबन और कामरान मुश्ताक (12) पुत्र मुश्ताक अहमद निवासी डेडा गुल रामबन के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके गांव भेज दिया गया है।
एक दिन पहले हुए किश्तवाड़ हादसे में लापता लोगों का सुराग नहीं
डोडा की बदहाल सड़कों पर लगातार लोगों की जान जा रही है। गत दिवस किश्तवाड़ जिले के पाडर खयेत्तर में एक कार नदी में गिर गई थी, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं, किश्तवाड़ के पाडर में ही 18 जून को एक टिप्पर(वाहन) नदी में गिर गया था, जिसमें सवार छह लोगों का भी कोई सुराग नहीं मिला है।