उधर प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति का ऑडिट होगा। ऑडिट के लिए मंडल स्तर की टीमों करने व दो दिनों में ऑडिट की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रामान्य की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कोविड एपेक्स मैनेजमेंट कमेटी की पहली बैठक में यह फैसला लिया गया।
अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आक्सीजन की जरूरत के अलावा गैर कोविड अस्पतालों व निजी अस्पतालों और सैन्य अस्पतालों में आक्सीजन की जरूरत पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। कमेटी ने कोविड समर्पित बेडों की संख्या 4200 से बढ़ाकर 7000 करने को देखते हुए आक्सीजन की जरूरत को आंकने को कहा हैं। मंडलायुकतों से कहा गया कि वह मंडल स्तर की विशेषज्ञ कमेटियों का गठन करें जोकि ऑडिट का काम करेगी।
मुख्य सचिव ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में ऑक्सीजन वार रूम की स्थापना करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को कहा गया कि वह न्यूनतम ऑक्सीजन की बर्बादी करते हुए मरीजों की जरूरतों को पूरा करे।
मंडलायुक्तों को जम्मू व श्रीनगर में 24 घंटे चलने वाले काल सेंटर स्थापित करने को कहा गया ताकि अस्पताल रैफरल पालिसी का कड़ाई से पालन हो। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य निदेशक जम्मू व स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर को नगर निगम आयुक्तों से परामर्श कर मोबाइल टीकाकरण केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि कोविड टीकाकरण तेजी से हो व संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकें।