विशेषज्ञों के अनुसार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके हम खुद के साथ आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रख सकते हैं। खासतौर पर शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि संक्रमण का प्रसार अधिकतर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से हो रहा है। ऐसे सामाजिक भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें और गैर जरूरी सफर से परहेज करें। कोविड वायरस की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक में हल्का इंफेक्शन हो जाता है जो कॉमन कोल्ड या सर्दी जुकाम में देखने को मिलता है। इस वायरस के लक्षणों में नाक बहना, सिर में तेज दर्ज, दस्त, खांसी, गला खराब, बुखार, थकान, उल्टी महसूस, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया ब्रोंकाइटिस की शिकायत होती है।
कोविड संक्रमित मरीज के लिए ऑक्सीजन सेचुरेशन का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इसमें अगर आप घर पर आइसोलेट हैं, तो 4 से 6 घंटे के भीतर नियमित रूप से पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सेचुरेशन की रीडिंग लें। इसमें ऑक्सीजन सेचुरेशन 95 से कम नहीं जानी चाहिए। अगर 95 से कम आती है तो अलर्ट हो जाएं और 90 से नीचे आ जाती है तो समझ लीजिए इमरजेंसी है। इसी तरह शारीरिक बुखार 99 डिग्री से ऊपर नहीं जाना चाहिए। अगर बुखार बढ़ रहा है तो समझिए संक्रमण का अधिक असर हुआ है। इसमें 6 घंटे के भीतर पैरासीटामोल 500 मिलीग्राम लें।