जम्मू-कश्मीर में नेशनल एंबुलेंस सेवा (एनएएस) के तहत सभी तरह की आपात चिकित्सा सेवाओं के लिए 108 एंबुलेंस और जननी सुरक्षा योजना के तहत निशुल्क 102 एंबुलेंस सेवा की सुविधा दी जा रही है। गत मार्च तक 108 एंबुलेंस सेवा में 63718 और 102 एंबुलेंस में 13361 मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ दिया गया।
पिछले साल कोविड महमारी के दौरान मरीजों की उचित चिकित्सा देखभाल के लिए 22.59 करोड़ की लागत से 60 नई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस की खरीद की मंजूरी दी गई थी। इन एंबुलेंस का कोविड सहित अन्य दूसरे मरीजों को उचित चिकित्सा देने के लिए प्रयोग में लाया जाना है। मौजूदा कोविड की दूसरी लहर पहुंचने के बावजूद प्रदेश में एक भी नई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस नहीं मिल पाई है। इन एंबुलेंस को जम्मू-कश्मीर में 108 एंबुलेंस सेवा में शामिल किया जाना था।
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प्रदेश में 143 की संख्या में 108 एंबुलेंस कार्यरत हैं, जिनमें 77 एडवांस लाइफ स्पोर्ट और 66 बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस हैं। इसी तरह 300 की संख्या में 102 एंबुलेंस हैं। पिछले साल कोविड काल में 5639 कोविड मरीजों को 108 एंबुलेंस में घर से अस्पताल और क्वारंटीन केंद्रों तक पहुंचाया गया। गंभीर मरीजों को शिफ्ट करने में क्रिटिकल केयर एंबुलेंस का अभाव रहा है।
खासतौर पर दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों से कई मरीजों को शहरी अस्पतालों तक लाते उनकी जान पर बन जाती है। इसे देखते हुए पिछले साल 60 नई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस को 108 एंबुलेंस बेड़े में शामिल करने का फैसला लिया गया था, लेकिन अब तक कुछ खास नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुलू ने बताया कि क्रिटिकल केयर एंबुलेंस के लिए निविदाएं कर दी गई हैं और उम्मीद है कि इसकी जल्द खरीद कर ली जाएंगी।