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प्रधानमंत्री पैकेज: वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजियों को बड़ी राहत, लेकिन देना होगा ये प्रमाण पत्र

Sun, 08 Dec 2019 10:53 AM IST
प्रशांत कुमार बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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केंद्र शासित प्रदेश में रह रहे लगभग एक लाख वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजियों को प्रधानमंत्री पैकेज का लाभ लेने में बड़ी राहत मिली है। अब इसके लिए 1951 व 1957 का मतदाता प्रमाणपत्र देने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसकी जगह उन्हें 1971 व 1975 का मतदाता प्रमाणपत्र देने की सहूलियत दी गई है।

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दरअसल, प्रदेश में पहला लोकसभा चुनाव 1967 में हुआ था और शरणार्थियों से मतदाता होने का प्रमाणपत्र इसके पहले का मांगा जा रहा था। इसी दिक्कत के चलते पैकेज के तहत साढ़े पांच लाख रुपये की सहायता राशि पात्र रिफ्यूजियों को नहीं मिल पा रही थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में 80 हजार करोड़ रुपये की पैकेज की घोषणा की थी। इसके तहत पश्चिमी पाकिस्तान के 36,684 शरणार्थियों तथा 1965 व 1971 के छंब विस्थापित परिवारों को एकमुश्त राहत दी जानी थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को साढ़े पांच लाख रुपये की सहायता राशि मिलनी है। इसके लिए वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजियों के समक्ष शर्त थी वे 1951 व 1957 का वोटर प्रमाणपत्र और पूर्व में रहने के स्थान का राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं।

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विधानसभा की मतदाता सूची में भी नाम होंगे शामिल

इस शर्त के कारण रिफ्यूजियों के पीएम पैकेज का लाभ लेने के आवेदन निरस्त हो रहे थे। वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की ओर से यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय व स्थानीय प्रशासन के समक्ष उठाया गया था।  

अनुच्छेद 370 व 35ए की वजह से रिफ्यूजियों को विधानसभा चुनाव में मताधिकार नहीं था। न ही यह चुनाव लड़ सकते थे। पंचायत तथा स्थानीय निकाय चुनाव में भी इनकी भागीदारी नहीं थी। वहीं लोकसभा चुनाव में इन्हें वोटिंग का अधिकार था। अब केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण होने पर इनके नाम विधानसभा और स्थानीय निकाय की मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

पैकेज के तहत घोषित राशि के वितरण में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। चार हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। कई मामलों में दस्तावेज पूरा करने को कहा गया है।
 - संजीव वर्मा, डिवीजनल कमिश्नर, जम्मू

1951 व 1957 के वोटर प्रमाणपत्र मांगे जाने की बाध्यता समाप्त होने से काफी राहत मिली है। जल्द से जल्द राहत राशि वितरित करने के लिए नोडल अफसर की तैनाती किए जाने की जरूरत है।
- लब्बा राम गांधी, अध्यक्ष, वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी
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