इस शर्त के कारण रिफ्यूजियों के पीएम पैकेज का लाभ लेने के आवेदन निरस्त हो रहे थे। वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की ओर से यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय व स्थानीय प्रशासन के समक्ष उठाया गया था।
अनुच्छेद 370 व 35ए की वजह से रिफ्यूजियों को विधानसभा चुनाव में मताधिकार नहीं था। न ही यह चुनाव लड़ सकते थे। पंचायत तथा स्थानीय निकाय चुनाव में भी इनकी भागीदारी नहीं थी। वहीं लोकसभा चुनाव में इन्हें वोटिंग का अधिकार था। अब केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण होने पर इनके नाम विधानसभा और स्थानीय निकाय की मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
पैकेज के तहत घोषित राशि के वितरण में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। चार हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। कई मामलों में दस्तावेज पूरा करने को कहा गया है।
- संजीव वर्मा, डिवीजनल कमिश्नर, जम्मू
1951 व 1957 के वोटर प्रमाणपत्र मांगे जाने की बाध्यता समाप्त होने से काफी राहत मिली है। जल्द से जल्द राहत राशि वितरित करने के लिए नोडल अफसर की तैनाती किए जाने की जरूरत है।
- लब्बा राम गांधी, अध्यक्ष, वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी