बहुचर्चित रूबिया सईद अपहरण कांड और एयरफोर्स कर्मियों की मौत मामले में शामिल यासीन मलिक मंगलवार को फिर टाडा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसलिए मामले की सुनवाई को 23 अक्तूबर तक स्थगित कर दिया गया है। टाडा कोर्ट ने तिहाड़ के जेल अधीक्षक को आदेश दिया है कि अगली तारीख को यासीन मलिक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
साथ ही इस मामले में शामिल शौकत बख्शी और जावेद मीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। यह दोनों भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। इन दोनों को अगली तारीख कोर्ट में हर हाल में पेश होने के लिए कहा गया है।
मामले में शामिल अन्य आरोपियों में अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद रफीक, मंजूर अहमद सोफी अपने वकीलों के साथ कोर्ट में मौजूद रहे। जबकि शौकत और जावेद कोर्ट में पेश नहीं हुए। वहीं यासीन मलिक को भी तिहाड़ जेल प्रबंधन की ओर से पेश नहीं किया गया। दरअसल, छह माह पहले भी यासीन को कोर्ट में पेश किया जाना था।
तब कोर्ट को जेल प्रबंधन की तरफ से बताया गया था कि वह यासीन को पेश नहीं कर सकते। क्योंकि गृह विभाग ने मना किया है कि उसे दिल्ली के क्षेत्राधिकार से छह माह के लिए बाहर नहीं भेजा जा सकता। 30 अप्रैल 2019 तक बाहर नहीं भेजा जा सकता था। अब जेल प्रबंधन को कहा गया है कि वह 23 अक्तूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यासीन मलिक का पेश करना सुनिश्चित करें।
बता दें कि 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण और एयरफोर्स कर्मियों की हत्या मामले में यासीन मलिक का नाम शामिल है। यासीन मलिक को कुछ माह पहले एनआईए ने दबोच लिया था। वह एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।