मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ग्रामीण विकास विभाग को अन्य विभागों के साथ टाईअप करने की सलाह दी है। ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि राज्य की प्रगति का आधार ग्रामीण विकास है।
इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग यदि अन्य विभागों को अपने अधीन लाने की व्यवस्था करे तो ग्रामीण स्तर पर आधारभूत विकास के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्हाेंने कहा कि गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लक्ष्य हासिल करने के लिए क्षमता विकास करना होगा।
महबूबा ने कहा पहले चरण में पर्यटन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण और आवास एवं शहरी विकास विभाग को मनरेगा से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि मनरेगा का श्रम इन विभागों से जोड़कर इस राष्ट्रीय योजना को और प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने मनरेगा वर्करों के पंजीकरण को आधार कार्ड से लिंक करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने सहित संरक्षण कार्य पर जोर दिया।
महबूबा ने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची पंचायत घरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने बताया कि तमाम जॉब कार्ड धारकों का पंजीकरण आधार कार्ड से लिंक करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसे नवंबर 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा।
कनवरजेंस प्रयासों पर उन्होंने कहा कि उधमपुर में प्रोजेक्ट राहत की सफलता के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने 50 करोड़ की लागत का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके लिए 13वें वित्त आयोग के संसाधन इस्तेमाल किए जाएंगे। उन्होंने बताया मनरेगा के लिए बीते वित्तीय वर्ष में 785.44 करोड़ की राशि उपलब्ध थी जिसमें से 778.23 करोड़ खर्च किए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सचिव ने कहा पर्वतीय इलाकों में लाभार्थी के लिए राशि को 75 हजार रूपए से बढ़ाकर 1.30 लाख कर दिया गया है। सचिव ने कहा पंचायतों को अतिरिक्त 400 करोड़ की राशि भेज दी गई है। उन्होंने बैठक में एनआरएलएम-उम्मीद, इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत चल रहे कार्यों का ब्योरा पेश किया।