दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के पूर्व सदस्य (एमएलसी) त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में तीन कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपी जगपाल सिंह (51), हरजिंदर सिंह रैना (71) और सुदर्शन सिंह वजीर (67) जम्मू-कश्मीर के बड़े व्यवसायी हैं।
हरजिंदर सिंह जम्मू कश्मीर की राजनीति में भी सक्रिय है, और वर्ष 2015 से 16 तक जिला गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का सचिव रहा है। आरोपियों ने बदला लेने के लिए पूर्व एमएलसी की हत्या करवाई थी। हत्या के इस हाईप्रोफाइल मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर बसई दारापुर, दिल्ली में दूसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में नौ मार्च, 2021 को मृत मिले थे। उनका शव सड़ी-गली अवस्था में फ्लैट के बाथरूम में मिला था। फ्लैट का ताला बाहर से बंद था। त्रिलोचन सिंह के सिर में गोली भी मारी गई थी। दिल्ली के मोती नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था।
बाद में दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने व सर्विलांस के आधार पर तीन आरोपी गांव गगोर, थाना विजयपुर जिला संभा जम्मू निवासी राजेंद्र चौधरी(33), प्रीत नगर गांधी नगर जम्मू निवासी बलबीर सिंह उर्फ बिल्ला (67) और सेक्टर-11, गुरु नानक नगर जम्मू निवासी हरमीत सिंह (61) को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में चौथे फरार आरोपी हरप्रीत सिंह खालसा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जिस फ्लैट में पूर्व एमएलसी का शव मिला था उसे हरप्रीत सिंह ने किराए पर लिया था। आरोपी ने पीड़ित को कनाडा का वीजा व एयर टिकट दिलवाने की बात कहकर किराए के फ्लैट में रखा था। पीड़ित परिवार ने शुरू में रंगदारी के लिए हत्या करने की बात कही थी। हालांकि, हत्या के बाद रंगदारी के लिए कोई कॉल नहीं की गई थी। एसीपी विवेक त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम मामले की जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम ने जांच के बाद तीन आरोपी गुरुनानक नगर, जम्मू निवासी जगपाल सिंह, सिंह निवासी अकाली कुंवर सिंह नगर डिजिना जम्मू निवासी हरजिंदर सिंह रैना और त्रिकुता नगर, जम्मू निवासी सुदर्शन सिंह वजीर को पूछताछ के लिए रोहिणी स्थित अपराध शाखा के कार्यालय में बुलाया। कई घंटे की पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।