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Jammu News: जीएमसी जम्मू में गाॅल ब्लैडर की सर्जरी के लिए तीन माह इंतजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। आयुष्मान भारत-सेहत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में गाॅल ब्लैडर, बवासीर, हार्निया या फिर अपैंडिक्स की सर्जरी करवानी है तो दो से तीन माह का इंतजार करना पड़ेगा। खासतौर पर गाॅल ब्लैडर के मामलों में मरीजों को और भी अधिक लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
इससे पहले ये चारों सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में की जा रही है। तब तीन से पांच दिन के भीतर सर्जरी हो जाती थी। अब सरकारी अस्पतालों ने लंबी तिथि मिलने पर मरीज मजबूर सर्जरी के लिए निजी क्लीनिकों में जा रहे हैं।
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वर्तमान में किसी भी बीमा कंपनी के आगे नहीं आने से सेहत योजना को एक साल के लिए ट्रस्ट मोड पर चलाया जा रहा है। योजना में प्रत्येक पंजीकृत परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है।
जीएमसी जम्मू के एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि निजी अस्पतालों से सरकारी अस्पतालों में कुछ सामान्य सर्जरी को शिफ्ट कर देने से वहां मरीजों का लोड बढ़ना लाजमी है। इसमें एक पहलू यह भी है कि जिन मरीजों को दवाओं से गाॅल ब्लैडर की समस्या का इलाज किया जा सकता था, उन मरीजों का निजी अस्पतालों में गाल ब्लैडर निकाल दिया गया। इसमें कई सामान्य मामलों में भी सर्जरी को अंजाम दिया जा रहा था।
सूत्रों ने बताया कि संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी जम्मू के आपरेशन थियेटर में सर्जरी विभाग के चार टेबल स्थापित हैं, जिसमें रोजाना 15 से 16 छोटी बड़ी सर्जरी हो रही है। अस्पताल में रोजाना 10 से 12 मरीज गाॅल ब्लैडर की सर्जरी के लिए तिथि लेने आ रहे हैं, लेकिन पहले से थियेटरों पर अधिक लोड रहने से उन्हें दो से तीन माह की तिथि दी जा रही है।
वहीं, अपैंडिक्स की सर्जरी आपात सर्जरी होती है, जिसे सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है, लेकिन बवासीर और हर्निया जैसी सर्जरी के लिए भी मरीज को लंबी तिथि दी जा रही है।
जम्मू कश्मीर प्राइवेट हास्पिटल्स व डायलिसिस सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप मैंगी ने कहा कि पहले निजी अस्पतालों में दो से तीन दिन के भीतर मरीजों की उक्त सर्जरी की जा रही थीं। निजी अस्पतालों में 60-70 प्रतिशत यही सर्जरी हो रही थीं, लेकिन इस साल की बीमा योजना में उक्त चारों सर्जरी को शामिल नहीं किया गया है।

केस- 1
सर्जरी में देरी से संक्रमण बढ़ने का खतरा
अखनूर निवासी रोशनदीन ने कहा कि पथरी होने के कारण उन्हें गाॅल ब्लैडर निकलवाने को कहा गया है। जब वह जीएमसी के सर्जरी विभाग में पहुंचे तो उन्हें आगामी ढाई माह की सर्जरी की तिथि दे दी गई। ऐसे में सर्जरी में देरी से शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा।
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केस-2
सर्जरी के लिए मना किया
विजयपुर निवासी भुवनेश्वर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से बवासीर की समस्या है। डाक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन के लिए बोला है लेकिन जीएमसी जम्मू जाने पर एक डाक्टर ने कहा कि अभी सर्जरी की जरूरत नहीं है और दवाओं से उपचार लें जबकि मेरी वबासीर की समस्या बरकरार है।
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