रियासत में आई भयंकर बाढ़ से निपटने में प्रदेश सरकार के साथ केन्द्र सरकार का भी दम फूला जा रहा है। आलम ये है कि पूरे प्रयास के बाद भी कम से कम तीन लाख लोगों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई है।
लोग घरों में भूखे प्यासे भोजन पानी का इंतजार कर रहे हैं। हर किसी की निगाह दिनभर आसमान की ओर ही टिकी रहती है। जम्मू टेक्निकल एयरपोर्ट पर पहुंचे श्रीनगर के कई लोगों ने बातचीत में इस बात का खुलासा किया।
हालांकि सेना के प्रयासों की लोगों ने जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि पानी बहुत धीमी गति से उतर रहा है जिसके चलते लोगों तक राहत पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही है। इस हाल में तो अभी अगले और कई दिनों तक श्रीनगर में हालात सुधरने की कोई उम्मीद नहीं है।
दम तोड़ रहे भूखे प्यासे लोग
श्रीनगर में बारिश रुकने के बाद भी पानी अभी तक नहीं निकला है। घरों और शहर की सड़कों पर कई कई फुट पानी भरा हुआ है। आलम ये है कि लोग घरों की तीसरी मंजिल से नीचे उतरने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।
दिन रात लोग मकान की छतों पर ही अपना समय काट रहे हैं। जम्मू से रेसक्यू कर लाए गए श्रीनगर निवासी मोहम्मद मीर शहर के हालात बयां करते करते रो पड़ते हैं। बताते हैं कि बहुत लोग ऐसे हैं जो हफ्ते भर से बिना कुछ खाए पीये जैसे तैसे समय काट रहे हैं।
बकौल मीर शहर के घने इलाकों में तो अभी भी सेना या एनडीआरएफ के कर्मी नहीं पहुंच पा रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति बच्चों और बुजुर्गों की है जो इन हालातों का सामना नहीं कर पा रहे हैं।
रामबन में पहाड़ दरका, हाइवे बंद
वहीं गुरुवार की आधी रात के बाद हुई तेज बारिश ने घाटी में फिर छुटपुट नुकसान किया है। रामबन में कई जगह पहाड़ दरकने से आंशिक नुकसान हुआ है। हालांकि सेना और प्रशासन ने तुरंत कार्यवाही करते हुए 8 हजार लोगों को सुरक्षित पहुंचा दिया है।
अभी कुछ और लोगों के भी वहां फंसे होने की खबर आ रही है। जिन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी ओर इसके चलते पहले से ही टूटे रामबन-बनिहाल हाइवे को सुधारने का काम बंद हो गया है।
इसके अलावा उधमपुर, डोडा, पुंछ, अखनूर, राजौरी आदि जिलों में भी देर रात आई बारिश के चलते पहले से ही बाधित चल रही संचार और बिजली व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है।
हवाई यात्रा के नाम पर जमकर हो रही लूट
श्रीनगर से आए एक अन्य यात्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने बेशक सभी जहाज कंपनियों को श्रीनगर में फंसे लोगों को मुफ्त में लाने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन प्राइवेट कंपनियां इसके नाम पर जमकर लूट मचा रही हैं।
पांच से सात हजार रुपये तक एक व्यक्ति से श्रीनगर से जम्मू लाने के लिए जा रहे हैं। काफी लोग ऐसे हैं जो सेना के जहाज से वापिस नहीं आने के कारण प्राइवेट कंपनियों के जहाजों की सेवाएं ले रहे हैं।
हालांकि इसी बीच इंडियन एयरलाइंस ने तीन जहाजों को श्रीनगर से लोगों को लाने के लिए जम्मू भेज दिया है। इन जहाजों के आने के बाद बाढ़ में फंसे लोगों को जल्दी वापस लाने की उम्मीद बनने लगी है।