प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से ठीक एक दिन पहले सीमा पार से घुसपैठ कर रहे चार पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया है। ये सभी आतंकी भारतीय सीमा में घुसकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
शुक्रवार शाम हंदवाड़ा से सटे ब्रिंजल इलाके के जंगलों में सेना के 15 आरआर के जवानों को कुछ संदिग्ध हरकत देखने को मिली। सतर्क जवानों ने आतंकियों के एक दल को घुसपैठ करते देखा। उन्हें समर्पण के लिए ललकारा गया तो उन्होंने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया।
जवानों द्वारा जवाबी कार्रवाई करते ही मुठभेड़ शुरू हो गई। जिसमें तीन आतंकियों को मार गिराया गया है। जबकि एक आतंकी को शनिवार को हुई मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। चारों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए सभी आतंकी विदेशी बताए जा रहे हैं।
हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि वो किस आतंकी संगठन से जुड़े थे। बरामद सामानों से यह आशंका जताई जा रही है कि वे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे।सूत्रों के अनुसार इस मुठभेड़ में अभी कई अन्य आतंकी और मौजूद हो सकते हैं।
फिलहाल मुठभेड़ जारी है। सेना के अनुसार चार एके 47, 14 मैगजीन, वायर कटर, सात हैंड ग्रेनेड, पिट्ठू बैग, ड्राई फ्रूट, पाक निर्मित दवाएं व मैट्रिक्स शीट बरामद हुई हैं। सेना ने चारों के शव पुलिस को सौंप दिए जिन्हें स्थानीय लोगों ने रेशवाड़ी कब्रगाह में दफना दिया।
मोदी के दौरे के ठीक एक दिन पहले घुसपैठ
पीएम मोदी 19 नवंबर को जम्मू कश्मीर दौरे पर होंगे। इस दौरान वह कई प्रमुख योजनाओं का शिलान्यास भी करने वाले हैं। उनके दौरे के ठीक एक दिन पहले की जा रही इस घुसपैठ ने सुरक्षा एजेंसियां को किसी बड़ी वारदात की ओर इशारा किया है। गौरतलब है कि मोदी की सुरक्षा के लिए दिल्ली से एसपीजी कमांडो कल ही जम्म-कश्मीर में दस्तक दे चुके थे।
पुलवामा में आतंकियों ने दागा ग्रेनेड
आतंकियों ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के मूरन चौक पर सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त पार्टी पर ग्रेनेड हमला कर दिया। आतंकी हमला कर भागने में कामयाब हो गए। गनीमत रही कि ग्रेनेड फटा ही नहीं था।
पुलिस के एक अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्रेनेड हमला करने के बाद फटा नहीं जिसके बाद मौके से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने उसे नकारा कर दिया। गौरतलब है कि आतंकियों की तलाश में इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया था। लेकिन आतंकियों का कोई पता नहीं चल सका।