भद्रवाह। पारंपरिक रीति रिवाज के साथ शनिवार को भद्रवाह में तीन दिवसीय ऐतिहासिक पट मेला का आगाज हहुआ। भद्रवाह के प्रमुख देवता वासुकी नाग को समर्पित मेला को हर साल बादशाह अकबर और भद्रवाह के राजा नागपाल की दिल्ली में हुई ऐतिहासिक मुलाकात के उपलक्ष्य में नाग पंचमी के दिन मनाया जाता है।
मेले में सभी धर्मों के लोग हिस्सा लेते हैं। इसमें लोग दखू नृत्य करते हैं। यह पारंपरिक नृत्य क्षेत्र की शान है। मेले के दौरान राजा अकबर द्वारा भद्रवाह के राजा नागपाल को उनके सम्मान में भेंट की गई शाही चीजों को प्रदर्शित किया जाता है। शनिवार को शुरू हुए इस मेले में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त किए गए थे। इसमें कोरोना एसओपी का पालन करते हुए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। लोगों ने बारी-बारी से वासुकी नाग मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। लोगों ने बताया कि मेले की शुरूआत 16वीं शताब्दी में क्षेत्र के राजा नागपाल ने की। तब इस क्षेत्र को भद्रकाशी के नाम से जाना जाता था।