सीआरपीएफ जवान को अस्पताल पहुंचते हुए अधिकारी
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बट्टलबालियां में सीआरपीएफ की बटालियन में तीन जवानों की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी जवान ने सोची समझी साजिश के तहत तीनों की हत्या की थी। उसकी तीनों से किसी तरह की बहस भी नहीं हुई थी।
गौरतलब है कि बुधवार रात को जब तीन जवानों की हत्या का मामला सामने आया था, तो अटकलें लगाई गई थी कि अजीत सिंह ने कहासुनी होने पर तीन जवानों की गोली मार कर हत्या की हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि अजीत सिंह को रात 11 बजे ड्यूटी पर जाना था। इसके लिए वह रात करीब 9.40 पर बटालियन के अंदर पहुंच गया। बटालियन में आगे पीछे घूमने के बाद व जवानों की पूरी जानकारी हासिल कर एक कमरे में पहुंचा। इसके बाद राजस्थान निवासी पोखर को सोते हुए देखा और गोलियां चला दी। गोली चलने की आवाज सुन रेवाड़ी (हरियाणा) निवासी उमेद अपने कमरे के दरवाजे पर पहुंचा, तो अजीत सिंह ने उसे भी गोली मार दी। इसके बाद जवान तीसरे कमरे में पहुंचा और जोगिंदर को गोली मार दी। इसके बाद वहां से बाहर निकल कर उसने खुद को भी गोली मार ली। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अजीत सिंह ने तीनों की हत्या करने की पहले से योजना तैयार कर ली थी।
पत्नी के साथ किराए के कमरे में रह रहा था आरोपी
जानकारी अनुसार आरोपी जवान अजीत सिंह 2007 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वह पत्नी के साथ बटालियन के नजदीक ही किराए के कमरे में रह रहा था। अक्सर ड्यूटी देने के बाद वह घर वापस लौट जाया करता था।
लगातार लगाई जा रही थी ड्यूटी
सूत्रों के अनुसार आरोपी जवान के नशे की आदत से बटालियन के अंदर अधिकारी व जवान परेशान थे। वह शराब के साथ ही कई अन्य प्रकार के नशे करता था। कई बार ड्यूटी के दौरान भी नशे में रहता था। इसी को लेकर पिछले कुछ महीनों से उसकी लगातार ड्यूटी लगाई जा रही थी। जवान को आराम करने का बहुत कम समय दिया जा रहा था। अधिकारियों को लगता था ड्यूटी पर व्यस्त रहने से वह नशे से दूर रहेगा। बुधवार की रात 11 बजे उसे ड्यूटी जाना था।
हत्या का मामला दर्ज कर शुरू की जांच
तीन सीआरपीएफ जवानों की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी जवान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में पुलिस को पता चला है कि गोली चलाने वाले आरोपी जवान के खिलाफ सीआरपीएफ बटालियन के अंदर ही एक मामले में जांच चल रही है।
गौरतलब है कि बुधवार देर रात को कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अजीत सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से जोगिंदर कुमार निवासी ईस्ट दिल्ली, पोखर मल निवासी झुनझुन (राजस्थान) और उमेद सिंह निवासी रेवाड़ी (हरियाणा) की गोली मार कर हत्या कर दी थी। आरोपी जवान को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मिलिट्री अस्पताल रेफर कर दिया था। सूत्रों के अनुसार पुलिस की टीम ने उसी रात को बटालियन के अंदर पूछताछ शुरू कर दी थी। इस दौरान पुलिस तीन जवानों को साथ लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची और तीन दिन तक तीनों जवानों से पुलिस स्टेशन में पूछताछ करने के बाद शुक्रवार को छोड़ दिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 111/302/309 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। घायल जवान मिलिट्री अस्पताल के आईसीयू में है और पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही है। जांच में ही पुलिस को पता चला कि आरोपी अजीत सिंह अक्सर नशे की हालत में रहता है और उधमपुर की बटालियन में ही उसके खिलाफ जांच चल रही है। इससे पहले जिस स्थान पर उसकी ड्यूटी थी, वहां पर भी जांच चल रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव दिल्ली भेजे
वीरवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद तीनों जवानों के शव शाम के समय दिल्ली सराय रोहेला ट्रेन से दिल्ली भेजे गए। जानकारी अनुसार सुबह करीब दस बजे डाक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे शवों को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया। सीआरपीएफ की टीम शवों को लेकर मिलिट्री अस्पताल पहुंची। यहां से तीनों शवों को शाम करीब पांच बजे रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया, जहां से ट्रेन के जरिये दिल्ली भेजा गया। दिल्ली से तीनों जवानों के शव उनके घर पहुंचाए जाएंगे।
आतंकी हमला समझ सबने ले ली थी पोजीशन
बटालियन के अंदर जब जवान ने अपने तीन साथियों की हत्या की तो सबको पहले लगा कि बटालियन के अंदर आतंकी हमला हो गया है और सभी जवान लाइन बंद कर पोजीशन लेकर बैठ गए।
उधर, बुधवार की रात बटालियन में घाटी की तरफ जाने वाले करीब 200 जवान थे। बुधवार को यह सीआरपीएफ के जवान घाटी की तरफ जा रहे थे कि अचानक राजमार्ग के बंद होने की सूचना मिलने पर इनके काफिले को 187 बटालियन में पहुंचा दिया गया। जब जवान अजीत सिंह ने तीन जवानों की हत्या करने के लिए गालियां चलाईं, तो सबको पहले लगा कि आतंकी हमला हो गया है। तुरंत लाइट बंद कर जवानों ने पोजीशन ले ली। इसी बीच उनको सूचना मिली कि अपने ही जवान ने तीन जवानों को गोलियां चलाकर हत्या कर दी है। इसके बाद बटालियन की लाइट जला दी गई।