जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने आतंकवादियों को शरण देने के आरोप में मंगलवार को तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया है। तीनों किश्तवाड़ के रहने वाले हैं। संदिग्धों की शिनाख्त कोसर अहमद निवासी होंजाला, मोहम्मद जाफर निवासी डाल और आसिफ हुसैन निवासी बालवाड़ी के रूप में हुई है।
पुलिस ने आतंकियों को मदद देने के मामले में 28 सितंबर 2019 को 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें इंदरवाल के पूर्व कांग्रेस विधायक गुलाम मोहम्मद सरूरी के भाई मोहम्मद शफी सरूरी का नाम भी शामिल है। शहर व ग्रामीण इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शक के आधार पर दर्जनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
दस माह में चार बड़ी आतंकी घटनाएं हुईं
मालूम हो कि किश्तवाड़ जिले में पिछले 10 माह के दौरान चार बड़ी आतंकी घटनाएं हुईं, जिसमें संघ नेता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक की हत्या,भाजपा नेता अनिल परिहार की भाई समेत हत्या, किश्तवाड़ डीसी के अंगरक्षक की राइफल छीनने व पीडीपी जिला प्रधान के अंगरक्षक की राइफल छीने जाने की घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन आतंकवादी शनिवार को रामबन के बटोत में सुरक्षा बलों ने मार गिराए थे।