नरवाल स्थित रोहिंग्या बस्ती के पास खाली प्लाट में अपने-अपने सामान के साथ रोहिंग्या परिवार। अमर ?
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जम्मू। रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर भेजने की कार्रवाई से रोहिंग्याओं में हड़कंप मच गया है। रविवार को शहर की तमाम रोहिंग्या बस्तियों में रहने वाले रोहिंग्या रविवार को बठिंडी की मक्का मस्जिद के पास पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी सरकार उन्हें भेजना चाहती है बस सभी को एक साथ भेजा जाए।
रोहिंग्याओं के भारी तादाद में जमावड़े को लेकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। डीआईजी विवेक गुप्ता पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रोहिंग्याओं को वापस उनकी बस्तियों में भेजा। इससे पहले उन्होेंने शनिवार को हीरानगर में भेजे गए रोहिंग्याओं को लेकर बठिंडी मार्ग बंद कर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। वह लोग रोहिंग्याओं को हिरासत में लेने का विरोध कर रहे थे। हालांकि, रविवार को हीरानगर जेल में और रोहिंग्या नहीं भेजे गए और उनका वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ।
शहर के बठिंडी, नरवाल, त्रिकुटा नगर और छन्नी क्षेत्र में ही रोहिंग्या मुख्य रूप से रहते हैं। इन बस्तियों से रविवार सुबह करीब पांच हजार रोहिंग्या धीरे-धीरे निकलने लगे और बठिंडी की मक्का मस्जिद के पास पहुंच गए। रोहिंग्याओं का कहना था कि वह सब एक ही जगह पर रहेंगे। पुलिस उन्हें अलग-अलग न रखे। रोहिंग्याओं का एक साथ जमा होना पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया। आनन-फानन में डीआईजी विवेक गुप्ता मौके पर पहुंचे और रोहिंग्याओं को समझाकर वापस उनकी बस्तियों में भेजा।
भाग जाने की अफवाह
रविवार सुबह अफवाह फैल गई कि रोहिंग्या अपनी बस्तियां छोड़कर आगे पीछे कहीं भागने लग गए हैं। लेकिन यह सारे लोग अपनी बस्तियों से निकलर मक्का मस्जिद बठिंडी में पहुंच गए। इसके बाद इनको वापस अपनी बस्तियों में भेजा गया।
झुग्गियों में लटके ताले
रोहिंग्याओं की बस्ती में रविवार को दिनभर गुफ्तगूं होती रही। हर किसी के चेहरे पर यही सोच झलक रही थी कि उनका अब क्या होगा। मराठा बस्ती, त्रिकुटा नगर और नरवाल की रोहिंग्या बस्ती में अधिकतर झुग्गियों के बाहर ताले लटके रहे। नरवाल में बस्ती के मुख्य गेट को ही बंद कर दिया गया था, ताकि अंदर कोई न जा सके।