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इस बार नवरात्रों में वैष्णो देवी आना क्यों है खास?

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आमतौर पर मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं का तांता सालभर ही लगा रहता है, शायद ही कभी भक्तों की संख्या में कमी आती हो। इसके चलते श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई का फायदा भी उठाना पड़ता है।
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नवरात्रों में तो मां के दरबार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना तक बढ़ जाती है। लेकिन इस बार वैष्णो देवी आना कई मायनों में खास है और सुविधाजनक भी।

ऐसे में आप भी कुछ दिन की छुट्टी प्लान कर वैष्णो दरबार आकर मां के दर्शनों कर धर्मलाभ कमा सकते हैं। आगे की स्लाइड में जानिए क्यों है इस बार मां वैष्णो देवी की यात्रा पर आना खास।
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पुरानी गुफा से हो सकते हैं दर्शन

बाढ़ के कारण जहां कश्मीर घाटी को काफी नुकसान पहुंचा है वहीं इसके चलते मां वैष्‍णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी आई है। आलम ये है कि मां के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों के मुकाबले घटकर आधी रह गई है।

हालांकि वैष्‍णो देवी की यात्रा के मार्ग में कहीं किसी प्रकार की कोई दिक्‍कत नहीं है लेकिन फिर भी श्रद्धालु डर के मारे फिलहाल यात्रा करने से बच रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या घटती देख श्राइन बोर्ड ने समय से पूर्व ही प्राकृतिक गुफा को खोल दिया है।

जिससे भवन आने वाले श्रद्धालु पुरानी गुफा से मां के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा सकते हैं। उम्‍मीद है नवरात्र तक भी यह सिलसिला चलता रहेगा। क्योंकि पूर्व में श्राइन बोर्ड नवरात्र में भी पुरानी गुफा को खोले रखने का संकेत दे चुका है।

ट्रेनों में नहीं है ज्यादा भीड़भाड़

आमतौर पर मां वैष्‍णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद दूसरे प्रांतो से आने वाले लोगों की होती है जो ट्रेन से सफर करके पहले जम्‍मू और फिर कटडा पहुंचते हैं।

दूसरी ओर जम्‍मू कश्मीर में सालभर आने वाले पर्यटकों की भी अच्छी खासी तादाद रहती थी, इसके चलते ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल हुआ रहता था। लेकिन बाढ़ के चलते जम्‍मू कश्मीर घूमने आने वाले सैलानियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, ऐसे में ट्रेनों में भी जगह मिलना मुश्किल नहीं रह गया है।

रेलवे के सूत्रों के अनुसार कश्मीर घूमने आने वाले लोगों ने काफी संख्या में अपने ‌रिजर्वेशन कैंसिल करवाए हैं, इसलिए ट्रेन में जगह मिलना अब मुश्किल नहीं रह गया है। वहीं इसके अलावा अब कई ट्रेनें सीधे कटरा तक भी जाने लगी हैं, जिससे सफर और आसान हो गया है।
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खाली पड़े हैं होटल, घटाने लगे रेट

घाटी में आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर यहां के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। घूमने आने वाले सैलानियों के कारण सालभर गुलजार रहने वाला यहां का होटल व्यवसाय बाढ़ के बाद से मंदी की मार से जूझ रहा है।

जानकारों के अनुसार बाढ़ के चलते फिलहाल सैलानी इधर का रुख नहीं कर रहे हैं नतीजतन जम्‍मू और कटडा के अधिकतर होटल खाली पड़े हैं। ऐसे में होटल संचालकों ने ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए अपने दामों में भी कमी कर दी है।

इसका फायदा ये है कि वैष्‍णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं को होटल के लिए इधर उधर भटकना भी नहीं पड़ेगा और कम दाम में आसानी से अच्छा होटल भी उपलब्‍ध हो जाएगा।

कुछ ऐसी ही स्थिति टै्वल एजेंसी वालों की भी है। मंदी के चलते उन्होंने भी दाम घटाकर सैलानियों को लुभाना शुरू कर दिया है। ऐसे में नवरात्र के मौके पर मां वैष्‍णो देवी के दर्शनों का इससे अच्छा मौका फिर शायद ही कभी मिले।
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