भारत के एक गांव के लोगों में गणतंत्र दिवस के दिन गजब का उत्साह देखने को मिला। एक ओर गांव पर पाकिस्तानी सैनिक गोलाबारी कर रहे थे वहीं दूसरी ओर गांव के लोग धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाने में व्यस्त थे। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं ने लोकतंत्र का साक्षी बन पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
शनिवार को देश के अन्य भागों के साथ-साथ पुंछ जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर पाक सेना की नापाक हरकतों का हर दिन शिकार बनने वाले गांव करमाड़ा एंव गुलपुर वासियों ने भी बेखौफ होकर बड़े ही धूमधाम से सेना के अधिकारियों एवं जवानों के साथ देश का 70वां गणतंत्र दिवस मनाया।
गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व भी
रात को पाकिस्तानी सेना द्वारा गांव में जबरदस्त गोलीबारी किए जाने के बाद गांव करमाड़ा स्थित हाईस्कूल में सेना की 15 मराठा लाइट इन्फेंट्री
की तरफ से आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में बड़ी संख्या में गांव के बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने भाग लेकर राष्ट्रीय ध्वज फैहराया। इस दौरान गांव वालों ने रंगा रंग कार्यक्रमों में भी प्रतिभाग कर पाकिस्तानी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
लोगों ने कहा
पाक की गोलाबारी जैसी नापाक हरकतों से नहीं डरते हैं बल्कि वह हर हाल में राष्ट्रीय पर्व मनाते हैं। गणतंत्र दिवस को लेकर लोगों में इतना उत्साह था कि लोग सुबह दस बजे ही कार्यक्रम स्थल पर एकत्र हो गए थे, जबकि 11 बजे सेना की मराठा लाइट इन्फेंट्री
के कमांडिंग अधिकारी कर्नल एस. एस. रामपुर ने गांव के सरपंच मोहम्मद शरीफ और अन्य लोगों के साथ राष्ट्रीय ध्वज फैहराया जिसके उपरान्त करीब दो घंटों तक रंगा रंग कार्यक्रम जारी रहा।
करमाड़ा के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से कल रात को भी गोलाबारी की गई है लेकिन हमारे गांव के लोगों में कोई डर नहीं है। सब यहां लोकतंत्र के पर्व में भाग लेने बिना किसी डर के पहुंचे हैं।