वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने स्वीकार किया कि रियासत की कर प्रणाली में परिवर्तन समय की जरूरत है। उद्यमियों और व्यापारियों की शिकायतों के बाद बुधवार को चैंबर भवन पहुंचे डा. द्राबू ने कहा कि स्टेट की जटिल टैक्स प्रणाली को सुधारने की जरूरत है।
इसमें व्यापारियों और उद्यमियों का भी सहयोग चाहिए। सरकार का प्रयास है कि ऐसी टैक्स प्रणाली हो, जिससे न तो कारोबारियों को समस्या हो और न ही सरकार के राजस्व में किसी तरह की कमजोरी आए।
डा. द्राबू रियासत के पहले वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने जम्मू चैंबर भवन पहुंच रियासत की ‘क्रीम लेयर’ को संबोधित किया और उनसे रूबरू हुए। इस दौरान व्यापारियों ने खुलकर सवाल-जवाब किए।
इस दौरान वित्तीय आयुक्त सचिव नवीन चौधरी, चैंबर के प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट शामलाल लंगर, जनरल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता भी उपस्थित थे।
व्यापारियों ने रियासत के प्रवेश द्वार लखनपुर टोल प्लाजा में व्यापारियों को होने वाली समस्याएं वित्त मंत्री के समक्ष उठाईं। उनका कहना था कि इंडस्ट्री के वार्षिक मूल्यांकन का मामला हो चाहे वैट 65 का मुद्दा, उद्यमी हमेश परेशान हुए।
व्यापारियों ने पैडी हस्क (धान का छिलका) पर टैक्स का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आरएस पुरा के शैलर से बाहर के व्यापारी हस्क ले जाते थे, लेकिन इस पर सरकार ने भारी टोल टैक्स लगा दिया है। जिसके कारण व्यापारी पंजाब का रुख कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने इस मामले में विचार करने का आश्वासन दिया।